पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ एक ओर कूटनीतिक दावों का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सैन्य हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ उनकी “सकारात्मक बातचीत” चल रही है और एक समझौते की संभावना है। उन्होंने इस आधार पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टालने की बात कही थी।
- ईरान का रुख: ईरान ने ट्रंप के इन दावों को “फर्जी खबर” (Fake News) करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका तेल बाजारों को प्रभावित करने और अपनी सैन्य विफलता को छिपाने के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहा है।
- व्हाइट हाउस की सफाई: व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने कहा कि किसी भी बैठक के बारे में अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा।
सैन्य मोर्चे पर बढ़ता तनाव
वार्ता की चर्चाओं के बीच युद्ध के मैदान में हिंसा और तेज हो गई है:
- इजरायल के हमले: इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर नए सिरे से भीषण बमबारी की है। इजरायल का कहना है कि वे ईरान समर्थित समूहों को पूरी तरह नष्ट करने तक नहीं रुकेंगे।
- अमेरिका की कार्रवाई: US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक अमेरिका ने ईरान में 9,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं।
- ईरान का जवाबी हमला: ईरान ने भी खाड़ी देशों (Gulf Countries) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं। इसके अलावा, ईरान ने बहरीन की ओर भी मिसाइलें दागने की खबर दी है।
3. भारत पर प्रभाव और एअर इंडिया की स्थिति
इस युद्ध का असर भारत के विमानन क्षेत्र पर भी पड़ा है:
- एअर इंडिया समूह ने आज पश्चिम एशिया के लिए कुल 24 उड़ानें संचालित की हैं, लेकिन कई प्रमुख रूट (जैसे शारजाह, रियाद, तेल अवीव, और कुवैत सिटी) अब भी निलंबित हैं।
- जेद्दा और मस्कट के लिए नियमित सेवाएं जारी हैं, जबकि यूएई के लिए कुछ विशेष उड़ानें चलाई जा रही हैं।
पश्चिम एशिया एक “अस्तित्व की लड़ाई” (Existential War) की ओर बढ़ रहा है। जहाँ अमेरिका इसे कूटनीतिक दबाव से हल करना चाहता है, वहीं ईरान इसे अपने संप्रभुता पर हमला मानकर कड़ा प्रतिरोध कर रहा है।


