आईपीएल 2026 के आगाज से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) एक नए अवतार में नजर आ रही है। लगातार दो सीजन (2024 और 2025) में प्लेऑफ से बाहर रहने के बाद, टीम ने अपनी रणनीति में भारी बदलाव किए हैं। सीएसके के सामने इस बार कई नई चुनौतियां और अवसर हैं।
सबसे बड़ी चुनौती: धोनी का बल्लेबाजी क्रम
धोनी 44 वर्ष की उम्र में अपना एक और सीजन खेलने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका बल्लेबाजी क्रम चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। एबी डिविलियर्स और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों का मानना है कि धोनी को नंबर 8 या 9 के बजाय नंबर 6 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। पिछले सीजन में धोनी केवल 5-10 गेंदें खेलने आ रहे थे। अगर वे नंबर 6 पर आते हैं, तो वे मैच को फिनिश करने के साथ-साथ पारी को स्थिरता भी दे सकते हैं। यदि वे इतना नीचे बल्लेबाजी करते हैं, तो उनकी टीम में जगह को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
विदेशी खिलाड़ियों का समीकरण (The Overseas Four)
सीएसके ने इस बार अपने विदेशी कोर को पूरी तरह से बदल दिया है। मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ियों के जाने के बाद, ये चार विदेशी चेहरे प्लेइंग-11 में फिट बैठते दिख रहे हैं। ‘बेबी एबी’ के नाम से मशहूर ब्रेविस मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। अफगान स्पिनर नूर अहमद की टर्निंग पिच पर सीएसके के मुख्य हथियार होंगे। पथिराना की कमी पूरी करने के लिए नाथन एलिस को डेथ ओवरों का विशेषज्ञ माना जा रहा है। परिस्थितियों के आधार पर अकील होसेन (स्पिन ऑलराउंडर) या मैट हेनरी (तेज गेंदबाज) को मौका मिल सकता है।
ताकत और अवसर (Strengths & Opportunities)
- संजू सैमसन का जुड़ाव: राजस्थान रॉयल्स के साथ हुए बड़े ट्रेड के बाद संजू सैमसन अब सीएसके का हिस्सा हैं। वे न केवल बल्लेबाजी को मजबूती देंगे, बल्कि धोनी के बाद विकेटकीपिंग और भविष्य की कप्तानी के लिए भी सही विकल्प हैं।
- युवा भारतीय टैलेंट: सीएसके ने नीलामी में अनकैप्ड खिलाड़ियों—प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा पर रिकॉर्ड 14.20 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो टीम की नई सोच को दर्शाता है।
कमजोरियां और खतरे (Weaknesses & Threats)
- अनुभव की कमी: पथिराना, जडेजा और कॉनवे जैसे मैच जिताऊ खिलाड़ियों के जाने से टीम का संतुलन थोड़ा नया है, जिसे सेटल होने में समय लग सकता है।
- गेंदबाजी में अनुभव: मोहम्मद शमी के आने से पेस अटैक मजबूत हुआ है, लेकिन डेथ बॉलिंग अभी भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
सीएसके अब ‘ओल्ड इज गोल्ड’ की रणनीति से हटकर ‘यूथ पावर’ पर दांव लगा रही है। धोनी का मार्गदर्शन और गायकवाड़ की कप्तानी में संजू सैमसन का अनुभव टीम को छठा खिताब दिलाने में मददगार हो सकता है।


