राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ (Young Leaders Dialogue) के दौरान देश के भविष्य और विकास की रफ्तार पर एक बड़ा और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने वह मजबूत नींव तैयार कर ली है, जहां से अब पीछे मुड़कर देखने की गुंजाइश नहीं है।
“ऑटोपायलट” मोड में भारत
एनएसए डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने अपनी आंतरिक शक्ति और आर्थिक ढांचे को इतना सशक्त बना लिया है कि अब लक्ष्य की प्राप्ति निश्चित है। उनके भाषण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
डोभाल ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने देश को उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां से अब यदि देश ‘ऑटोपायलट’ पर भी चला, तो भी 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनकर उभरेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑटोपायलट का अर्थ निष्क्रियता नहीं, बल्कि उस ‘मोमेंटम’ और सिस्टम से है, जिसे पिछले एक दशक में कड़ी मेहनत से बनाया गया है। अब विकास की गति को रोकना किसी भी बाहरी या आंतरिक शक्ति के लिए लगभग असंभव है।
सुरक्षा और स्थिरता का महत्व
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बात करते हुए डोभाल ने कहा कि कोई भी देश तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वह सुरक्षित न हो। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया:
- बदलता वैश्विक परिदृश्य: भारत अब केवल वैश्विक घटनाओं का दर्शक नहीं है, बल्कि एक ‘डिसीजन मेकर’ (Decision Maker) की भूमिका में है।
- टेक्नोलॉजी और डिफेंस: उन्होंने तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में आत्मनिर्भर होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध सीमाओं पर कम और तकनीक के क्षेत्र में ज्यादा लड़े जाएंगे।
युवाओं को संदेश
अजीत डोभाल ने देश के युवाओं को ‘परिवर्तन का वाहक’ बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि युवाओं के नवाचार (Innovation) और दृढ़ संकल्प से पूरा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले 20-25 साल भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष होने जा रहे हैं।
डोभाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उनके “ऑटोपायलट” वाले बयान को विशेषज्ञों द्वारा देश की प्रशासनिक और आर्थिक स्थिरता के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।


