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    AI शिखर सम्मेलन के लिए भारत सही जगह, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का बड़ा बयान

    भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति और आर्थिक सुदृढ़ता की जमकर सराहना की है। 15 फरवरी 2026 को दिए गए अपने एक विशेष संबोधन में गुटेरेस ने कहा कि भारत न केवल एक ‘उभरती हुई अर्थव्यवस्था’ है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी भविष्य की तकनीक के मामले में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।


    गुटेरेस के संबोधन की मुख्य बातें

    महासचिव ने आगामी ग्लोबल AI शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी के लिए भारत को सबसे उपयुक्त स्थान बताया। उनके बयान के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

    • उभरती वैश्विक शक्ति: गुटेरेस ने कहा, “भारत आज वैश्विक मंच पर एक ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। इसकी डिजिटल बुनियादी ढांचा (Digital Infrastructure) दुनिया के लिए एक मिसाल है।”
    • AI शिखर सम्मेलन और भारत: महासचिव के अनुसार, भारत में जिस तरह से तकनीक का लोकतंत्रीकरण हुआ है, वह AI के नैतिक और सुरक्षित उपयोग पर चर्चा करने के लिए सबसे उपयुक्त मंच प्रदान करता है।
    • ग्लोबल साउथ की आवाज: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की चिंताओं को तकनीकी विकास के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    भारत की डिजिटल प्रगति पर मुहर

    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का यह बयान भारत की हालिया उपलब्धियों की पुष्टि करता है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में UPI, डिजिटल इंडिया और अब AI मिशन के जरिए दुनिया का ध्यान खींचा है।

    • AI का भविष्य: भारत सरकार ने पहले ही ₹10,372 करोड़ के ‘इंडिया एआई मिशन’ को मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य देश में एआई सुपरकंप्यूटिंग क्षमता बनाना है।
    • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: गुटेरेस ने विश्वास जताया कि भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस शिखर सम्मेलन से एआई के लिए एक ‘ग्लोबल फ्रेमवर्क’ तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि तकनीक मानवता के लिए खतरा न बने।

    कूटनीतिक महत्व

    विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का यह समर्थन भारत की सॉफ्ट पावर और तकनीकी कूटनीति की बड़ी जीत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद अब तकनीकी विनियमन (Tech Regulation) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी बात मजबूती से रख रहा है।

    एंटोनियो गुटेरेस के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2026 में तकनीक की दुनिया की दिशा तय करने में भारत की भूमिका निर्णायक होने वाली है।

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