नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 (16-20 फरवरी) के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं और टेक दिग्गजों को संबोधित किया। पीएम ने भारत को भविष्य की तकनीक का वैश्विक केंद्र बताते हुए ‘AI’ के मानवीय और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
1. भारत: दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज न केवल दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है, बल्कि सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र भी है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत का युवा वर्ग AI के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के लिए तैयार है। पीएम ने विश्वास जताया कि भारतीय नवाचार (Innovation) न केवल देश के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगा।
2. ‘AI’ का अर्थ: सबको साथ लेकर चलना
पीएम मोदी ने AI के प्रभाव को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के भारतीय दर्शन से जोड़ा। उनका विजन तकनीक को आम आदमी तक पहुँचाना और इसे ‘डेमोक्रेटाइज’ करना है। समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष (फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित) और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पीएम ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के लिए AI को एक समान अवसर के रूप में विकसित करने की बात कही।
3. समिट के तीन मुख्य स्तंभ (Sutras)
यह समिट तीन आधारभूत सिद्धांतों पर केंद्रित है:
- People (लोग): स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के माध्यम से जीवन सुधारना।
- Planet (ग्रह): जलवायु परिवर्तन और कृषि में टिकाऊ समाधान ढूंढना।
- Progress (प्रगति): आर्थिक विकास और सुशासन में तकनीक का उपयोग।
4. टेक दिग्गजों के साथ मंथन
समिट के दौरान पीएम मोदी ने सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI) और मुकेश अंबानी जैसे दिग्गजों के साथ ‘CEO राउंडटेबल’ में हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े निवेश और रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देना था।
समिट की बड़ी उपलब्धियां:
- YUVAi: युवाओं को AI कौशल से लैस करने की पहल।
- AI by HER: महिलाओं के नेतृत्व में AI नवाचारों को बढ़ावा देना।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: इन क्षेत्रों के लिए विशेष AI नॉलेज कंपेंडियम (संग्रह) जारी किए गए।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी भी दी कि AI को “सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी” होना चाहिए ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।


