टी20 विश्व कप 2026 में 15 फरवरी को होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान के महामुकाबले से पहले क्रिकेट जगत की निगाहें आंकड़ों पर टिकी हैं। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले इस मैच से पहले इतिहास गवाह है कि टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। यहाँ टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों का विस्तृत विश्लेषण और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड्स दिए गए हैं।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड (टी20 वर्ल्ड कप)
टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक दोनों टीमों के बीच 8 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर एकतरफा रहा है।
- भारत की जीत: 7 (इसमें 2007 का बॉल-आउट शामिल है)
- पाकिस्तान की जीत: 1
- टाई: 1 (भारत ने बॉल-आउट में 3-0 से जीत दर्ज की थी)
| साल | विजेता | मार्जिन / विशेष |
| 2007 (ग्रुप स्टेज) | भारत | मैच टाई (बॉल-आउट में भारत जीता) |
| 2007 (फाइनल) | भारत | 5 रनों से जीता |
| 2012 | भारत | 8 विकेट से जीता |
| 2014 | भारत | 7 विकेट से जीता |
| 2016 | भारत | 6 विकेट से जीता |
| 2021 | पाकिस्तान | 10 विकेट से जीता |
| 2022 | भारत | 4 विकेट से जीता (विराट की ऐतिहासिक पारी) |
| 2024 | भारत | 6 रनों से जीता (लो-स्कोरिंग थ्रिलर) |
टीम इंडिया ने किस तरह दी है पटखनी?
भारत की सफलता के पीछे तीन मुख्य कारण रहे हैं:
- बड़े मुकाबलों का दबाव झेलना: 2007 के फाइनल में मिस्बाह-उल-हक का वह विकेट हो या 2024 में केवल 119 रन बनाकर भी उसे डिफेंड करना, भारतीय गेंदबाजों ने हमेशा दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया है।
- विराट कोहली का दबदबा: पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली हमेशा एक ‘दीवार’ बनकर खड़े रहे हैं। 2022 में मेलबर्न में खेली गई उनकी 82* रनों की पारी टी20 इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक मानी जाती है।
- विविधतापूर्ण गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के मध्यक्रम को हमेशा बैकफुट पर रखा है। 2024 के न्यूयॉर्क मैच में बुमराह का स्पैल (3/14) जीत का मुख्य आधार बना था।
टी20 अंतरराष्ट्रीय (ओवरऑल) रिकॉर्ड
यदि सभी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की बात करें, तो अब तक 16 बार दोनों टीमें टकराई हैं:
- भारत की कुल जीत: 13
- पाकिस्तान की कुल जीत: 3
हालांकि भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन पाकिस्तान की 2021 वाली 10 विकेट की जीत यह याद दिलाती है कि वे किसी भी दिन पासा पलट सकते हैं।


