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    भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष, द्विपक्षीय वार्ता में इन मुद्दों पर सहमति

    भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ का अहमदाबाद में गर्मजोशी से स्वागत किया। चांसलर बनने के बाद मेर्ज़ की यह पहली भारत यात्रा है, जो भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है।

    द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य अंश

    गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद पीएम मोदी ने दोनों देशों के मजबूत आर्थिक और सुरक्षा संबंधों पर जोर दिया:

    • आर्थिक शक्ति: पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
    • रक्षा और सुरक्षा: चर्चाओं का मुख्य केंद्र रक्षा सहयोग रहा। इसमें भारतीय नौसेना के लिए 6 उन्नत पनडुब्बियों (प्रोजेक्ट 75I) के निर्माण को लेकर लगभग 8 बिलियन डॉलर के मेगा रक्षा सौदे पर प्रगति शामिल है।
    • तकनीकी साझेदारी: दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर्स, एआई (AI), महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

    द्विपक्षीय वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने गुजरात की सांस्कृतिक झलक का अनुभव किया:

    1. साबरमती आश्रम: चांसलर मेर्ज़ और पीएम मोदी ने साबरमती आश्रम का दौरा किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
    2. पतंग महोत्सव: दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया और एक साथ पतंग उड़ाई, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

    भविष्य का रोडमैप: ‘विकसित भारत’ में जर्मनी का साथ

    पीएम मोदी ने जर्मनी को भारत के ‘विकसित भारत @2047’ लक्ष्य को प्राप्त करने में एक प्रमुख भागीदार बताया।

    क्षेत्रप्रमुख बिंदु
    कौशल विकासहैदराबाद में एक नया कौशल विकास केंद्र स्थापित करने पर सहमति।
    शिक्षाजर्मनी में पढ़ रहे 60,000 भारतीय छात्रों के लिए वीजा और वर्क परमिट नियमों में सरलता।
    व्यापारभारत-ईयू (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर चर्चा।

    जर्मन चांसलर की यह यात्रा 27 जनवरी को होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेर्ज़ कल बेंगलुरु का दौरा करेंगे, जहां वह भारत के तकनीकी इकोसिस्टम और जर्मन कंपनी Bosch के ऑपरेशंस का जायजा लेंगे।

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