भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। पिच रिपोर्ट के अनुसार, इस मैच में गेंदबाजों का बोलबाला रहने की संभावना है, खासकर स्पिनर्स का।
पिच का मिजाज
- धीमी पिच: रांची की पिच आमतौर पर धीमी मानी जाती है। बल्लेबाजों को यहाँ रन बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है।
- स्पिनरों को मदद: यह पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए बहुत मददगार साबित होती है और गेंद यहाँ काफी टर्न होती है। खेल आगे बढ़ने के साथ स्पिनर्स की भूमिका अहम हो जाती है।
- तेज गेंदबाजों के लिए शुरुआत: मैच के शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को नई गेंद से स्विंग और उछाल मिल सकता है।
- कम स्कोरिंग मुकाबला: इस मैदान पर हाई-स्कोरिंग मुकाबले कम ही देखने को मिलते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 235-265 रन के बीच रहा है, जो आधुनिक क्रिकेट के हिसाब से कम है।
स्टेडियम के आंकड़े (वनडे)
रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में अब तक कुल 9 वनडे मुकाबले खेले गए हैं:
- पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत: 3 मैच
- लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत: 5 मैच
- बेनतीजा: 1 मैच
- पहली पारी का औसत स्कोर: 235 रन
टॉस की भूमिका
- यहाँ लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमें अधिक सफल रही हैं।
- शाम के समय ओस (Dew) का असर देखने को मिल सकता है, जिससे बाद में गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला ले सकती है ताकि ओस आने से पहले ही गेंदबाजी पूरी कर ली जाए।
भारत का प्रदर्शन
टीम इंडिया ने यहाँ खेले गए 6 वनडे मैचों में से 3 जीते हैं, 2 हारे हैं और 1 बेनतीजा रहा है। आखिरी बार 2022 में भारत ने साउथ अफ्रीका को इसी मैदान पर 7 विकेट से हराया था।
रांची की पिच बल्ले और गेंद के बीच एक संतुलित मुकाबला पेश करेगी, लेकिन यह गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों के लिए ज्यादा अनुकूल होगी। बल्लेबाजों को समझदारी और धैर्य से खेलना होगा।


