कोलंबो में आज होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर ‘बारिश के बाउंसर’ का खतरा मंडरा रहा है। करोड़ों प्रशंसकों की नजरें आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने आज भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की 85-93% संभावना जताई है।
नियम और गणित
आईसीसी (ICC) के नियमों के अनुसार, ग्रुप चरण के मैचों के लिए परिस्थितियां इस प्रकार रहेंगी:
- अंकों का बंटवारा: यदि बारिश के कारण टॉस भी नहीं हो पाता या मैच शुरू होकर बीच में ही रद्द हो जाता है, तो दोनों टीमों (भारत और पाकिस्तान) को 1-1 अंक दिया जाएगा।
- रिजर्व डे का अभाव: ध्यान रहे कि विश्व कप के ग्रुप मैचों के लिए कोई ‘रिजर्व डे’ नहीं रखा गया है। रिजर्व डे केवल सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के लिए सुरक्षित होता है।
- न्यूनतम ओवर: मैच का परिणाम घोषित करने के लिए कम से कम 5-5 ओवर का खेल होना अनिवार्य है। यदि डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम लागू होता है, तो इसी आधार पर फैसला होगा।
किसे होगा फायदा और किसे नुकसान?
- भारत-पाकिस्तान के लिए एक अंक मिलना सुरक्षित स्थिति हो सकती है, लेकिन लय बरकरार रखने के लिए जीत जरूरी है। नेट रन रेट (NRR) पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
- विज्ञापनों और टिकटों की बिक्री से होने वाले करोड़ों रुपयों के राजस्व का नुकसान होगा। फैंस के लिए यह सबसे बड़ी निराशा होगी।
डकवर्थ-लुईस नियम की भूमिका
यदि बारिश मैच के बीच में खलल डालती है, तो अंपायर खेल के समय को बढ़ाने की कोशिश करेंगे। अगर समय कम पड़ा, तो ओवरों की संख्या घटाई जाएगी। ऐसी स्थिति में DLS पद्धति से लक्ष्य तय किया जाएगा, जो अक्सर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए चुनौतीपूर्ण या फायदेमंद साबित हो सकता है।


