आईसीसी (ICC) अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 के समापन के बाद पहली बार टूर्नामेंट से पहले हुए विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मुंबई में आयोजित ‘इंडियन बिजनेस लीडर अवार्ड्स’ (IBLA) के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि “कोई भी टीम या देश संस्था (ICC) से बड़ा नहीं है।” उनका यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश द्वारा टूर्नामेंट से पहले किए गए विरोध और बहिष्कार की धमकियों की ओर इशारा माना जा रहा है। जय शाह का यह बयान बताता है कि भविष्य में आईसीसी किसी भी देश की ‘ब्लैकमेलिंग’ या एकतरफा शर्तों के आगे झुकने के मूड में नहीं है।
जय शाह ने भारतीय कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि “शीर्ष से नीचे गिरने में केवल कुछ महीने लगते हैं, जबकि नीचे से ऊपर पहुंचने में सालों।” उन्होंने टीम इंडिया को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और 2030-31 के विश्व कप के लिए अभी से तैयारी करने की सलाह दी।
क्या था पूरा विवाद?
विश्व कप की शुरुआत से पहले काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले थे:
- बांग्लादेश का हटना: सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत आने से मना कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया।
- पाकिस्तान की धमकी: बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान ने भी पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी थी। बाद में पाकिस्तान ने कहा कि वे खेलेंगे तो सही, लेकिन भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच का बहिष्कार करेंगे।
- समझौता: अंततः आईसीसी द्वारा बांग्लादेश पर कोई कड़ा प्रतिबंध न लगाने और उन्हें भविष्य में अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी देने के वादे के बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न लिया और टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।
जय शाह के बयान की मुख्य बातें
जय शाह ने किसी देश का नाम लिए बिना कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “एक संगठन किसी एक टीम से नहीं बनता, बल्कि सभी टीमों के मेल से बनता है। कोई भी टीम खुद को आईसीसी से बड़ा न समझे।” उन्होंने जानकारी दी कि इन विवादों के बावजूद टूर्नामेंट ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पहली बार किसी मैच को एक साथ 72 लाख (7.2 million) लोगों ने लाइव देखा। उन्होंने अमेरिका, नेपाल और जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीमों की तारीफ की, जिन्होंने बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दी।


