महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा परिसर में हुए जानलेवा हमले के बाद शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। हमले में बाल-बाल बचे पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वह इस तरह की कायराना हरकतों से कतई घबराने वाले नहीं हैं और अकाली दल पंजाब व पंथ की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है।
दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर हुए हमले के बाद यह दो वर्षों के भीतर उन पर दूसरा जानलेवा हमला था, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए नाकाम कर दिया और हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया।
“न कभी डरा था, न कभी डरूंगा”
हमले के तुरंत बाद मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनका जीवन पंथ और पंजाब के लोगों की सेवा के लिए समर्पित है।
सुखबीर सिंह बादल का बयान:
“मुझ पर पहले भी हमले की साजिशें रची गईं और आज फिर कोशिश की गई। लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि न मैं कभी इन कायराना हमलों से डरा था, न कभी डरूंगा। गुरु साहिब का मेहरबान हाथ मेरे सिर पर है। शिरोमणि अकाली दल ने हमेशा पंजाब, पंथ और देश के हितों की रक्षा के लिए शहादतों का इतिहास रचा है और हम हर बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।”
विरोधियों और शरारती तत्वों पर साधा निशाना
सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक और कट्टरपंथी ताकतें पंजाब की शांति, आपसी भाईचारे और अकाली दल के जनाधार को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और पंजाब के लोगों से शांति, संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
- पंथिक एकता का आह्वान: उन्होंने कहा कि अकाली दल को कमजोर करने के लिए विरोधी ताकतें लगातार साजिशें रच रही हैं, लेकिन पार्टी का हर कार्यकर्ता एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना करेगा।
- सहानुभूति और समर्थन की लहर: हमले की खबर मिलते ही पंजाब भर से अकाली दल के नेताओं, कार्यकर्ताओं और धार्मिक संगठनों ने सुखबीर बादल का हालचाल लिया और इस हमले की कड़ी निंदा की।
सुरक्षा पर उठे कड़े सवाल
सुखबीर सिंह बादल को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा प्राप्त है। इसके बावजूद धार्मिक परिसर के अंदर गुरुद्वारे के सेवादार के रूप में रह रहे व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार (किरपाण) से हमला कर देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
महाराष्ट्र पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही हैं कि इस हमले के पीछे क्या कोई व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की साजिश शामिल है।


