ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर और पाकिस्तान टेस्ट टीम के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के कामकाज के तरीकों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पाकिस्तान में अपने कार्यकाल के दौरान ‘अपमानित’ महसूस कराया गया, जिस कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। जेसन गिलेस्पी का यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही अस्थिरता को फिर से उजागर करता है। उनसे पहले गैरी कर्स्टन भी इसी तरह के ‘अथॉरिटी’ के मुद्दों के कारण इस्तीफा दे चुके हैं।
1. बिना बताए सहायक कोच की बर्खास्तगी
गिलेस्पी के अनुसार, उनके इस्तीफे की सबसे बड़ी और तात्कालिक वजह सीनियर सहायक कोच टिम नीलसन की बर्खास्तगी थी। गिलेस्पी ने खुलासा किया कि पीसीबी ने उनसे (हेड कोच) बिना किसी चर्चा या सूचना के नीलसन को पद से हटा दिया। गिलेस्पी ने इसे ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि एक मुख्य कोच के रूप में उनके अधिकारों का यह सीधा उल्लंघन था।
2. चयन प्रक्रिया से बाहर करना
गिलेस्पी ने पहले भी संकेत दिए थे कि पाकिस्तान में उनकी भूमिका केवल एक ‘कैट प्रैक्टिस’ कराने वाले कोच तक सीमित रह गई थी। बोर्ड ने उनसे टीम सिलेक्शन और रणनीतिक फैसलों के अधिकार छीन लिए थे। उन्हें मैच के दिन सुबह तक यह पता नहीं होता था कि प्लेइंग इलेवन क्या होगी, जिससे वह खुद को लाचार महसूस कर रहे थे।
3. संवाद की कमी और अपमानजनक माहौल
गिलेस्पी ने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों और उनके बीच संवाद पूरी तरह टूट चुका था। उन्होंने बताया:
- “मैं पाकिस्तान टेस्ट टीम को कोच कर रहा था और पीसीबी ने मेरे साथ जीरो कम्युनिकेशन (शून्य संवाद) रखते हुए सहायक कोच को निकाल दिया।”
- उन्होंने आगे कहा, “ऐसे कई अन्य मुद्दे थे जिनसे मुझे पूरी तरह से अपमानित (Humiliated) महसूस हुआ।”
4. पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर राय
दिलचस्प बात यह है कि जब एक प्रशंसक ने उनसे पीएसएल के बारे में पूछा, तो उन्होंने उसे एक ‘शानदार प्रतियोगिता’ बताया। लेकिन जब उसी प्रशंसक ने पूछा कि फिर उन्होंने पाकिस्तान क्यों छोड़ा, तब गिलेस्पी ने बोर्ड के भीतर चल रही अव्यवस्था और राजनीति का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।


