हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिनों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई बड़े कदम उठाए हैं।
तीन जिलों में स्कूल बंद, राहत शिविरों की तैयारी
बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने सिरमौर, कांगड़ा और चंबा जिलों के सभी स्कूलों को सोमवार (20 जुलाई) को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदियों से 500 मीटर और संवेदनशील नालों से 200 मीटर के दायरे में आने वाले मकानों को तुरंत खाली कराने के निर्देश जारी किए हैं। घर छोड़ने वाले प्रभावित परिवारों के लिए तिरपाल और अस्थाई राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है, जहां भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं।
चंबा में मची तबाही, मणिमहेश यात्रा पर रोक
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर चंबा जिले में देखने को मिल रहा है। उफनते नालों और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण जिला प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर तत्काल प्रभाव से तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। श्रद्धालुओं को हड़सर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। रविवार को हड़सर-कुगति मार्ग पर धनोल के पास भारी लैंडस्लाइड हो गया, जिसकी वजह से कार्तिक स्वामी मंदिर से लौट रहे करीब 200 श्रद्धालु लगभग 9 घंटों तक वहीं फंसे रहे। शाम को जब प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद रास्ता बहाल किया, तब जाकर उन्हें सुरक्षित निकाला जा सका।
इसके अलावा, बत्ती दी हट्टी और दुर्गठी के पास मलबा आ जाने के कारण चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) रविवार सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ठप रहा, जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
भारी नुकसान और उड़ानों पर असर
भारी बारिश के चलते राज्य को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। चुराह में चांजू-3 जलविद्युत परियोजना की निर्माण सामग्री पानी में बह गई, वहीं वन निगम के करोड़ों रुपये के लकड़ी के स्लीपर भी तेज बहाव की भेंट चढ़ गए। पांगी घाटी में किसानों की मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है।
खराब मौसम और लो-विजिबिलिटी (कम दृश्यता) के कारण हवाई सेवाएं भी ठप पड़ गई हैं, जिसके चलते कुल्लू और कांगड़ा हवाई अड्डों से कुल सात उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। उधर, लाहौल घाटी में चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल कई घंटों तक पानी में डूबा रहा, जिससे वहां भी संपर्क टूट गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और लैंडस्लाइड की गंभीर चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।


