उत्तर भारत के मौसम में जबरदस्त अस्थिरता देखी जा रही है। हालांकि पिछला पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) कुछ कमजोर पड़ा है, लेकिन वातावरण में मौजूद नमी और स्थानीय सिस्टम के कारण दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी, उमस और अचानक होने वाली बारिश ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है।
अस्थिर मौसम का कारण: कमजोर पड़ता विक्षोभ और नई हलचल
- कमजोर विक्षोभ: पिछला पश्चिमी विक्षोभ अब धीरे-धीरे हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में हवाओं की गति धीमी हुई है।
- उमस और गर्मी का वार: विक्षोभ के कमजोर पड़ने के कारण धूप तेज हो गई है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हवा में नमी का स्तर बढ़ने से चिपचिपी गर्मी (Humidity) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
- नया सिस्टम: मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 3 और 4 अप्रैल को अपने चरम पर होगा।
बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
भले ही गर्मी बढ़ रही है, लेकिन उत्तर भारत के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदलने की संभावना है:
- पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है।
- दिल्ली-NCR: राजधानी और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 34°C से 35°C के बीच रहने का अनुमान है।
- पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
किसानों की बढ़ी चिंता
यह मौसम किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अप्रैल का महीना गेहूं की कटाई का समय होता है। ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तैयार फसल के खराब होने या दाने काले पड़ने का डर सता रहा है। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं खड़ी फसलों को गिरा सकती हैं, जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ सकता है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान (Table)
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति (अगले 48 घंटे) | मुख्य प्रभाव |
| दिल्ली-NCR | आंशिक रूप से बादल, हल्की बारिश | गर्मी और उमस से थोड़ी राहत |
| पंजाब/हरियाणा | तेज आंधी और ओलावृष्टि | फसलों को नुकसान की आशंका |
| यूपी/राजस्थान | धूल भरी आंधी और छिटपुट वर्षा | बढ़ते तापमान पर लगाम |
| हिमालयी क्षेत्र | बारिश और हल्की बर्फबारी | पर्यटन पर असर, ठंडक बरकरार |
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में न रहें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें।


