विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (14 अगस्त) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1947 में हुए भारत के विभाजन को लेकर कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला। सीएम योगी ने देश के बंटवारे को तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक कायरता और सत्ता-लोलुपता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत और दृढ-संकल्पित नेतृत्व होता, तो भारत का कोई बाल भी बांका नहीं कर पाता और देश का विभाजन कभी नहीं होता। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी झेलने वाले विस्थापित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया और उनके दर्द को साझा किया।
कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
सीएम योगी ने कहा कि 1947 में भारत को आजादी तो मिली, लेकिन उसके साथ ही विभाजन का ऐसा गहरा जख्म मिला जिसने लाखों निर्दोष लोगों की जान ले ली और अनगिनत परिवारों को रातों-रात बेघर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व ने अपनी सत्ता की भूख और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देश के दो टुकड़े स्वीकार कर लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस ने उस समय कड़ा रुख अपनाया होता, तो अखंड भारत की सीमाएं सुरक्षित रहतीं और लाखों लोगों को नरसंहार व विस्थापन का भयावह दर्द नहीं झेलना पड़ता।
“पीएम मोदी होते तो कोई बाल भी बांका न कर पाता”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोपरि रखा है।
सीएम योगी का बयान:
“1947 का बंटवारा कांग्रेस की कायरता का प्रत्यक्ष प्रमाण था। अगर उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा साहसी, राष्ट्रवादी और मजबूत नेतृत्व देश के पास होता, तो किसी दुश्मन या ताकत की इतनी हिम्मत नहीं होती कि वह भारत की तरफ आंख उठाकर भी देख सके, बंटवारा तो दूर की बात है, कोई भारत का बाल भी बांका नहीं कर पाता।”
इतिहास से सीख और सामाजिक समरसता
सीएम योगी ने युवाओं और नई पीढ़ी से अपील की कि वे विभाजन के इस कड़वे इतिहास को समझें और याद रखें कि विभाजनकारी नीतियां देश को किस तरह नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाना केवल अतीत के दुखों को याद करना नहीं है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को बनाए रखने का संकल्प लेना भी है। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विभाजन पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और विस्थापित परिवारों के जुझारूपन की सराहना की।


