बॉलीवुड के ‘चीची’ यानी गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और पारिवारिक कलह को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने अपनी पत्नी सुनीता आहूजा द्वारा लगाए गए अफेयर के आरोपों और बेटे यशवर्धन आहूजा के करियर को लेकर उठ रहे सवालों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए राजनीति तक को अलविदा कह दिया।
अफेयर के आरोपों पर सफाई
इंटरव्यू के दौरान जब गोविंदा से उनकी पत्नी सुनीता द्वारा अतीत में लगाए गए ‘एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर’ के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो अभिनेता ने बेहद संजीदगी से जवाब दिया। गोविंदा ने कहा कि हर शादी में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने परिवार को प्राथमिकता दी है। उन्होंने इन दावों को पुराना और बीत चुका हिस्सा बताया और कहा कि उनके लिए सुनीता और उनके बच्चे ही पूरी दुनिया हैं।
‘बच्चों के लिए छोड़ी नेतागीरी’
गोविंदा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने सक्रिय राजनीति (नेतागीरी) से दूरी क्यों बनाई। अभिनेता के मुताबिक:
- परिवार को समय: राजनीति की भागदौड़ में वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे।
- विवादों से बचाव: वे नहीं चाहते थे कि उनके राजनीतिक करियर की परछाईं उनके बच्चों के निजी जीवन या करियर पर पड़े।
- समर्पण: उन्होंने कहा, “मैंने अपने बच्चों की परवरिश और उनकी खुशियों के लिए राजनीति का रास्ता छोड़ा ताकि मैं एक पिता के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर सकूं।”
बेटे यशवर्धन के करियर पर चुप्पी तोड़ी
गोविंदा पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने अन्य ‘नेपो-किड्स’ की तरह अपने बेटे यशवर्धन को बॉलीवुड में लॉन्च करने के लिए खास मेहनत नहीं की। इस पर गोविंदा ने करारा जवाब देते हुए कहा:
“ऐसा नहीं है कि मैं अपने बेटे को सपोर्ट नहीं कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि वह अपनी मेहनत और काबिलियत से अपनी पहचान बनाए। मैंने उसे सही दिशा और ट्रेनिंग दी है, लेकिन संघर्ष उसे खुद करना होगा।”
यशवर्धन लंबे समय से अपनी शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं और कई बड़े निर्देशकों के साथ असिस्टेंट के तौर पर काम भी कर चुके हैं।
पारिवारिक विवाद और कड़वाहट
गोविंदा ने इस दौरान भांजे कृष्णा अभिषेक के साथ चल रही अनबन पर तो ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर संकेत दिया कि वे अब शांति और सुकून की तलाश में हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता अब केवल उनका काम और उनके बच्चे हैं, न कि दूसरों की बातों पर स्पष्टीकरण देना।


