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    सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, क्या यही है खरीदारी का सही समय?

    सोने, चांदी और तांबे की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों को हैरान कर दिया है। 29 जनवरी 2026 को अपने शिखर पर रहने के बाद, मात्र 8 दिनों के भीतर इन धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमत तो अपने उच्चतम स्तर से लगभग आधी (46% गिरावट) रह गई है, जबकि सोना 23% और कॉपर 18% तक लुढ़क गया है।

    यहाँ इस “कमोडिटी क्रैश” की पूरी कहानी और ताजा आंकड़ों का विवरण दिया गया है:

    कीमतों में बदलाव का गणित (29 जनवरी – 7 फरवरी 2026)

    धातु29 जनवरी (शिखर)7 फरवरी (ताजा भाव – MCX)कुल गिरावट (%)
    चांदी (Silver)₹4.20 लाख / किग्रा~₹2.50 लाख / किग्रा~46%
    सोना (Gold)₹1.93 लाख / 10 ग्राम~₹1.55 लाख / 10 ग्राम~23%
    तांबा (Copper)₹1,500+ / किग्रा~₹1,242 / किग्रा~18%

    गिरावट के 5 मुख्य कारण

    1. केविन वॉर्श की नियुक्ति: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नामित करने के फैसले ने बाजारों में खलबली मचा दी। इससे निवेशकों के बीच केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता और भविष्य की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई।
    2. मजबूत होता डॉलर: डॉलर इंडेक्स में अचानक आई मजबूती के कारण सोने और चांदी जैसी धातुओं की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम हो गई, क्योंकि डॉलर महंगा होने पर ये धातुएं अन्य मुद्रा रखने वालों के लिए महंगी हो जाती हैं।
    3. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): साल 2025 में इन धातुओं ने रिकॉर्ड बढ़त दिखाई थी। जब कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुँचीं, तो बड़े निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली कर अपना मुनाफा निकाला, जिससे कीमतों में “फ्री-फॉल” की स्थिति बन गई।
    4. भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में हुई बातचीत और तनाव कम होने के संकेतों ने “सेफ हेवन” (सुरक्षित निवेश) के रूप में सोने-चांदी की चमक कम कर दी।
    5. बजट 2026 की अनिश्चितता: भारत के केंद्रीय बजट में सोने-चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर कोई बड़ी राहत न मिलने से भी घरेलू बाजार में धारणा प्रभावित हुई।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एक “मार्केट करेक्शन” है। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह ‘बाय द डिप’ (Buy the Dip) का मौका हो सकता है। विशेष रूप से चांदी और कॉपर, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), सोलर पैनल और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ रहा है, भविष्य में फिर से तेजी दिखा सकते हैं।

    अगला कदम: क्या आप अपने शहर के सराफा बाजार के आज के ताजा भाव या गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में निवेश की सलाह के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?

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