2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला टीजर (शीर्षक: ‘राम’) रिलीज कर दिया गया है। करीब 2 मिनट 38 सेकंड के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। टीजर ने यह साफ कर दिया है कि नितेश तिवारी भारतीय सिनेमा को एक ऐसी ‘रामायण’ देने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय मानकों (जैसे ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’) को टक्कर देगी। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 को रिलीज होगा।
रणबीर कपूर: ‘राम’ के रूप में सादगी और दिव्यता
टीजर का मुख्य आकर्षण रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में लुक है। टीजर के एक सीन में राम नाव में बैठे हैं, और जब उन्हें पुकारा जाता है, तो उनका मुड़कर देखना दर्शकों को भावुक कर रहा है। रणबीर को बेहद सौम्य, ‘क्लीन शेव’ और दिव्य आभा के साथ दिखाया गया है। आलोचकों के अनुसार, उनकी आंखों में वही करुणा और शांति दिख रही है जो मर्यादा पुरुषोत्तम के चरित्र की विशेषता है।
यश और साई पल्लवी की झलक
टीजर में मुख्य ध्यान ‘राम’ पर केंद्रित रखा गया है, लेकिन अन्य सितारों की भी छोटी सी झलक देखने को मिली है:
- यश (रावण): ‘केजीएफ’ स्टार यश की आवाज और उनके विशालकाय साम्राज्य ‘लंका’ की एक भव्य झलक दिखाई गई है, जो उनके खूंखार और शक्तिशाली रावण होने का संकेत देती है।
- साई पल्लवी (माता सीता): उनकी सादगी और प्राकृतिक सुंदरता ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। हालांकि उन्हें बहुत कम समय के लिए दिखाया गया, लेकिन उनकी मौजूदगी असरदार है।
- हनुमान (सनी देओल): टीजर के अंत में हनुमान के रूप में सनी देओल की दहाड़ और उनकी विशालता ने रोंगटे खड़े कर दिए।
कहां रह गई कमी? (आलोचनात्मक पक्ष)
जहाँ एक तरफ फिल्म की तारीफ हो रही है, वहीं कुछ फैंस ने कुछ कमियों की ओर भी इशारा किया है:
- VFX और गेमिंग लुक: कुछ दर्शकों का मानना है कि अयोध्या के कुछ दृश्य और पौराणिक जीव थोड़े ‘गेमिंग’ जैसे लग रहे हैं। हालांकि मेकर्स का दावा है कि रिलीज तक इसे और बेहतर किया जाएगा।
- तुलना का दबाव: पुरानी ‘रामायण’ (रामानंद सागर) और हालिया ‘आदिपुरुष’ की विफलताओं के कारण इस फिल्म पर उम्मीदों का भारी बोझ है। कुछ लोगों को अभी भी रणबीर कपूर के चेहरे में वो ‘सॉफ्टनेस’ कम लग रही है जो उनके मन में राम की छवि के लिए है।
तकनीकी पक्ष: संगीत और स्केल
- संगीत: ए.आर. रहमान और हंस जिमर का बैकग्राउंड स्कोर टीजर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। मंत्रों का उच्चारण और ऑर्केस्ट्रा का मेल एक ‘डिवाइन’ अनुभव देता है।
- स्केल: फिल्म का कैनवास बहुत बड़ा है। अयोध्या के महलों से लेकर जंगलों तक, हर फ्रेम में भव्यता दिखाई देती है।


