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    एपस्टीन फाइल्स और अमेरिका का दबाव, लोकसभा में राहुल ने मोदी सरकार को घेरा

    लोकसभा में बजट 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर अब तक के सबसे तीखे हमले किए। उन्होंने ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) और अमेरिका के साथ हुई हालिया ‘ट्रेड डील’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय दबाव में हैं और देश के हितों से समझौता कर रहे हैं।

    ​राहुल गांधी के भाषण के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:

    ​1. एपस्टीन फाइल्स और ‘प्रेशर पॉइंट्स’

    ​राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि प्रधानमंत्री पर दो बड़े ‘प्रेशर पॉइंट्स’ हैं जिनके कारण वे अमेरिका के सामने झुक रहे हैं:

    • अडानी केस: उन्होंने कहा कि अमेरिका में गौतम अडानी पर चल रहा केस असल में प्रधानमंत्री के ‘फाइनेंशियल स्ट्रक्चर’ पर हमला है।
    • एपस्टीन फाइल्स: राहुल ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में अभी बहुत कुछ ऐसा है जो सार्वजनिक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इसी डर और दबाव में आकर सरकार अमेरिकी शर्तों को मान रही है।

    ​2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील और किसानों का मुद्दा

    ​राहुल गांधी ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका व्यापार संधि (Trade Deal) को किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा:

    • ​”इस ट्रेड डील में सरकार ने भारतीय किसानों के खून-पसीने और उनकी मेहनत को बेच दिया है।”
    • ​उनका आरोप था कि जो डील महीनों से रुकी हुई थी, उसे अचानक बिना किसी बड़े बदलाव के स्वीकार कर लिया गया क्योंकि सरकार बाहरी दबाव में है।

    ​3. ट्रंप की ‘धौंस’ और अमेरिका का दबदबा

    ​राहुल गांधी ने वैश्विक भू-राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत अपनी ऊर्जा नीतियों और व्यापारिक फैसलों को स्वतंत्र रूप से नहीं ले पा रहा है।

    • ​उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हम किससे तेल खरीदेंगे, यह फैसला अब अमेरिका करता है।”
    • ​उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका की ‘धौंस’ का उल्लेख किया और कहा कि भारत का आत्मसम्मान वैश्विक मंच पर कमजोर हो रहा है।

    ​4. जनरल नरवणे की किताब का विवाद

    ​राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब का मुद्दा भी उठाया, जिसमें डोकलाम विवाद और चीन के साथ तनातनी का जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस किताब में लिखे सच से डरी हुई है और उन्हें संसद में बोलने से रोक रही है।

    निष्कर्ष:

    राहुल गांधी ने सरकार को ‘सरेंडर’ करने वाली सरकार करार दिया और मांग की कि प्रधानमंत्री को इन गंभीर आरोपों पर सदन में आकर जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद और “जहरीला” बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाने की तैयारी की है।

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