बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। रविवार, 4 जनवरी 2026 को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्ताधारी महायुति गठबंधन और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
करीब 20 साल बाद एक मंच पर आए ठाकरे भाइयों ने चुनाव में धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
’झुंडशाही’ और धांधली के आरोप
उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर ‘उम्मीदवारों की चोरी’ का आरोप लगाया।
- निर्विरोध जीत पर घेरा: उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव से पहले ही कई सीटों पर उम्मीदवारों को डरा-धमकाकर नाम वापस लेने पर मजबूर किया गया है, ताकि महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध जीत सकें।
- लोकतंत्र बनाम झुंडशाही: उद्धव ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह अब लोकतंत्र नहीं, बल्कि झुंडशाही (Mobocracy) है। पहले ये लोग वोट चुराते थे, अब इन्होंने सीधे उम्मीदवार चुराना शुरू कर दिया है।”
- चुनाव रद्द करने की मांग: उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से अपील की कि जिन वार्डों में उम्मीदवारों को ‘निर्विरोध’ घोषित किया गया है, वहां की प्रक्रिया रद्द कर फिर से मतदान कराया जाए।
राज ठाकरे का हमला: “विचारधारा का सौदा”
राज ठाकरे ने भी सुर में सुर मिलाते हुए भाजपा की रणनीति की आलोचना की। उन्होंने याद दिलाया कि जब पश्चिम बंगाल में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, तब भाजपा सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन अब महाराष्ट्र में वह खुद यही हथकंडा अपना रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारधारा खत्म हो गई है और केवल सत्ता के लिए सिद्धांतों का सौदा हो रहा है।
’वचन नामा’: ठाकरे गठबंधन का मास्टरप्लान
इस साझा हुंकार के साथ ही दोनों भाइयों ने बीएमसी चुनाव के लिए अपना संयुक्त घोषणापत्र ‘वचन नामा’ भी जारी किया, जिसमें मुंबईकरों के लिए बड़े वादे किए गए हैं:
- 700 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स पूरी तरह माफ।
- मुंबई में 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली का प्रावधान।
- महिलाओं और छात्रों के लिए BEST बसों में मुफ्त यात्रा।
- हर वार्ड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 12 महीने नालियों की सफाई का वादा।
- ₹10 में नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराना।
मुंबई की 227 सीटों सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है। ठाकरे भाइयों के इस गठबंधन ने महायुति (भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट और अजीत पवार गुट) के लिए कड़ी चुनौती पेश कर दी है।


