देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई और उससे हुई मौतों के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे सवाल पूछने पर एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करते और फिर बाद में माफी मांगते नजर आ रहे हैं।
पूरा मामला और वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
1. क्या है विवाद? (बदतमीजी और वायरल वीडियो)
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों बीमार हैं। जब पत्रकार ने मंत्री जी से सवाल पूछा कि इस बड़ी लापरवाही के लिए केवल छोटे कर्मचारियों पर ही क्यों, बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, तो कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए। कहा, क्या घंटा हो गया?
- मंत्री का जवाब: उन्होंने पत्रकार से कहा, “तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो” और इसके साथ ही एक आपत्तिजनक शब्द का भी प्रयोग किया।
- तीखी बहस: वीडियो में देखा जा सकता है कि पत्रकार के बार-बार सवाल पूछने पर मंत्री जी झल्ला गए और बिना जवाब दिए वहां से चले गए।
2. मंत्री का माफीनामा (सोशल मीडिया पोस्ट)
वीडियो वायरल होने और विपक्ष (कांग्रेस) के कड़े विरोध के बाद, कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर खेद प्रकट किया। “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए स्थिति सुधारने में जुटे हैं। मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए हैं। इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए, जिसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।”
3. इंदौर में गंदे पानी का संकट: ताज़ा आंकड़े
| विवरण | वर्तमान स्थिति (1 जनवरी 2026 तक) |
| मौतों की संख्या | आधिकारिक रूप से 7-10 मौतों की पुष्टि (विपक्ष का दावा संख्या अधिक है)। |
| बीमार लोग | 1,100 से अधिक लोग प्रभावित, 150-200 अस्पताल में भर्ती। |
| कारण | मुख्य पाइपलाइन में लीकेज, जिसके ऊपर एक शौचालय (Toilet) बना हुआ था। |
| कार्रवाई | एक जोनल ऑफिसर और असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड, एक सब-इंजीनियर बर्खास्त। |
4. सरकार के कदम
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का एलान किया है।
- प्रभावित इलाके में 50 से ज्यादा टैंकरों से नर्मदा का साफ पानी पहुँचाया जा रहा है और घर-घर क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।


