3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए भीषण हमले और ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के बाद हताहतों की चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहली बार आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस सैन्य कार्रवाई में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं। मरने वालों में नागरिक और सुरक्षाकर्मी दोनों शामिल हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने वेनेजुएला के अधिकारी के हवाले से बताया कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। कुछ हालिया रिपोर्टों में यह संख्या 80 तक बताई जा रही है।
‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ और तबाही
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन के तहत राजधानी काराकास सहित कई ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक की गई।
- सैन्य ताकत: अमेरिका ने वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए 150 से अधिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया।
- प्रमुख निशाना: हमले का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ना था।
⚖️ मादुरो और उनकी पत्नी हिरासत में
इस ऑपरेशन का सबसे बड़ा परिणाम राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी रहा:
- गिरफ्तारी: अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से हिरासत में लिया।
- न्यूयॉर्क रवानगी: दोनों को एक विशेष विमान से न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहाँ उन पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीली दवाओं की तस्करी) और भ्रष्टाचार के गंभीर आपराधिक मामले चलाए जाएंगे।
- ट्रंप का बयान: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे हथकड़ी में नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का नियंत्रण संभालेगा।
🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है:
- रूस और चीन: दोनों देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
- वेनेजुएला की स्थिति: उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इसे ‘अपहरण’ करार दिया है, जबकि देश में सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- भारत: भारत सरकार ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह 2003 में इराक आक्रमण के बाद किसी देश में सत्ता परिवर्तन के लिए अमेरिका की सबसे बड़ी और आक्रामक सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।


