मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के रहने वाले 22 वर्षीय देव मनीष जालान ने हाल ही में घोषित ICAI CA फाइनल परीक्षा (जनवरी 2026) में 18वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। यह सफलता केवल उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण नहीं, बल्कि एक प्रेरक कहानी भी है।
सफलता की राह: प्रेरणा और अनुशासन
देव की इस उपलब्धि के पीछे उनके पड़ोसी से मिली प्रेरणा और खुद के प्रति अटूट अनुशासन का बड़ा हाथ है। देव बताते हैं कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक सफल व्यक्ति से उन्हें सीए (CA) बनने की प्रेरणा मिली। उनके संघर्ष और कामयाबी को देखकर देव ने ठान लिया कि वे भी इसी क्षेत्र में अपना मुकाम बनाएंगे। देव ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। वे दिन में 18 घंटे तक पढ़ाई करते थे, जिससे यह साबित होता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने मात्र 6 महीने की केंद्रित और सघन तैयारी (Intensive Preparation) के साथ अपने पहले ही प्रयास में 422 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
देव का परिवार मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले का निवासी है, लेकिन पिछले पांच दशकों से बुरहानपुर में बसा हुआ है। उनके पिता बुरहानपुर में टेक्सटाइल पैकिंग मटेरियल का व्यवसाय करते हैं। एक मध्यमवर्गीय व्यापारी परिवार से होने के बावजूद, देव ने अपने सपनों को साकार करने में कभी हार नहीं मानी।
देव की शुरुआती शिक्षा बुरहानपुर के नेहरू मॉटेसरी स्कूल से हुई और 12वीं के बाद वे सीए की पढ़ाई के लिए इंदौर चले गए थे। वहां से शुरू हुआ उनका सफर आज एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने पर रुका है।
युवाओं के लिए संदेश
देव जालान की यह कहानी उन हजारों छात्रों के लिए एक सबक है जो बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वे साबित करते हैं कि चाहे आप छोटे शहर से हों या किसी बड़े महानगर से, यदि आपके पास सही मार्गदर्शन, प्रेरणा और मेहनत करने का जज्बा है, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है।
बुरहानपुर के इस होनहार बेटे की सफलता पर उनके परिवार और शहर में जश्न का माहौल है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ संकल्प के साथ 6 महीने की तैयारी भी बड़ी से बड़ी सफलता दिला सकती है।


