कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग (Minority Department) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पार्टी नेताओं को एक बड़ा और सीधा संदेश देते हुए कहा कि कांग्रेस को ‘मुस्लिम’ शब्द बोलने से बिल्कुल भी हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को हर वर्ग के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और उनकी समस्याओं पर खुलकर और मजबूती से बात करनी होगी।
‘वोट चोरी’ का मुद्दा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व
नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राहुल गांधी ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और चुनावों में अल्पसंख्यकों की भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा और दक्षिणपंथी ताकतों द्वारा लगातार बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक की राजनीति का डर दिखाकर कांग्रेस को रक्षात्मक (Defensive) रुख अपनाने पर मजबूर किया जाता है, लेकिन अब पार्टी को इस हिचकिचाहट से बाहर निकलना होगा।
राहुल गांधी ने देश की मुख्यधारा की राजनीति और खुद कांग्रेस संगठन के भीतर भी मुस्लिम समुदाय को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व (Representation) देने की पुरजोर वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव प्रणालियों पर निशाना साधते हुए ‘वोट चोरी’ (Vote Theft) का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विशेष क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों, दलितों और गरीब तबके के मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने या चुनावी प्रक्रिया से उनके वोट काटने की कोशिशें की जाती हैं, जिसके खिलाफ कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे को जमीन पर मुस्तैद रहना होगा।
डरे बिना हक की आवाज उठाने की सलाह
अल्पसंख्यक विभाग के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा:
“हमें किसी भी समुदाय का नाम लेने से डरने या झिझकने की जरूरत नहीं है। यदि देश के किसी भी नागरिक या वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है, तो कांग्रेस का यह संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है कि वह उसके हक के लिए खुलकर आवाज बुलंद करे।”
उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे देश के कोने-कोने में जाएं, अल्पसंख्यकों के भीतर से डर की भावना को खत्म करें और कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष (Secular) विचारधारा को मजबूती से जनता के बीच स्थापित करें। इस बैठक को आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा अपनी अल्पसंख्यक रणनीति को पूरी ताकत से धार देने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


