भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 2006 में हुई भारत-पाकिस्तान की हवाना बैठक को लेकर कांग्रेस और तत्कालीन यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सरकार पाकिस्तान के साथ बातचीत के दौरान कारगिल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और सर क्रीक जैसे मुद्दों पर समझौते के लिए तैयार थी। दुबे ने इन दावों के समर्थन में विकीलीक्स से सामने आए दस्तावेजों का हवाला दिया है।
16 सितंबर 2006 की हवाना बैठक का जिक्र
निशिकांत दुबे ने 16 सितंबर की तारीख का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इसी दिन 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच क्यूबा की राजधानी हवाना में मुलाकात हुई थी। यह बैठक जुलाई 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के कुछ सप्ताह बाद हुई थी।
दुबे का आरोप है कि इन हमलों के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग के बावजूद तत्कालीन सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही थी।
क्या कहा कारगिल और PoK को लेकर?
भाजपा सांसद ने अपने दावे में कहा कि हवाना में हुई बातचीत के दौरान भारत-पाकिस्तान विवाद के कई मुद्दों पर समझौते की रूपरेखा तैयार की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कारगिल, PoK और सर क्रीक को लेकर पाकिस्तान को रियायत देने की बात शामिल थी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये बातें निशिकांत दुबे के आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन्हें किसी सरकारी समझौते या भारत सरकार के आधिकारिक फैसले के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। दुबे ने अपने दावे के लिए विकीलीक्स से जुड़े दस्तावेजों का हवाला दिया है।
परमाणु समझौते से भी जोड़ा मामला
दुबे ने 22 सितंबर 2006 को वॉशिंगटन में हुई बैठकों का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि हवाना वार्ता की जानकारी बाद में अमेरिकी नेतृत्व के साथ साझा की गई और इसे भारत-अमेरिका परमाणु समझौते से जुड़े व्यापक घटनाक्रम से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में भारत की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर समझौते किए जा रहे थे।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 2006 के मुंबई धमाकों के बाद यूपीए सरकार की नीति और 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद की मौजूदा सरकार की कार्रवाई के बीच अंतर पर जवाब देने को कहा। दुबे ने ऑपरेशन सिंदूर का भी संदर्भ दिया और दोनों सरकारों के दृष्टिकोण की तुलना की।
कांग्रेस पर लगातार हमलावर रहे हैं दुबे
निशिकांत दुबे झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं और लंबे समय से कांग्रेस नेताओं तथा पूर्व यूपीए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। संसदीय रिकॉर्ड में भी उनके कई ऐसे हस्तक्षेप दर्ज हैं, जिनमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
हवाना बैठक को लेकर उनका ताजा बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध और 2006 के कूटनीतिक फैसले फिर राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हैं। फिलहाल कारगिल, PoK और सर क्रीक को लेकर कथित समझौते पर दुबे के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।


