त्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दिल्ली-NCR के लोगों को कड़ाके की सर्दी और प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। 6 जनवरी 2026 की ताज़ा स्थिति के अनुसार, मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
प्रमुख बिंदु: उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप
- बर्फ से ढके पहाड़: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों में भारी बर्फबारी हुई है। कश्मीर की ‘चिल्लई कलां’ (40 दिनों की भीषण ठंड) के दौरान गुलमर्ग का तापमान -6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे उत्तर भारत को ‘कोल्ड डे’ की चपेट में ले लिया है।
- दिल्ली-NCR की स्थिति: राजधानी दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। बर्फीली हवाओं के कारण कनकनी बढ़ गई है। इसके साथ ही दिल्ली का AQI (Air Quality Index) ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी (250-310 के बीच) में बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
- शीतलहर और कोहरे का अलर्ट: IMD ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ा है।
सावधानी और उपाय
प्रशासन ने बढ़ती ठंड को देखते हुए वाराणसी सहित कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है, क्योंकि ठंड के साथ प्रदूषण दिल और फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है।
अगले कुछ दिनों का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, 8-10 जनवरी तक शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।


