उत्तर भारत में मौसम के दोहरे प्रहार ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक ओर जहाँ कश्मीर में कड़ाके की सर्दी की अवधि ‘चिल्ले कलां’ की शुरुआत के साथ भारी बर्फबारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में घने कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
कश्मीर: ‘चिल्ले कलां’ और भारी बर्फबारी
कश्मीर घाटी में 21 दिसंबर से शुरू हुई 40 दिनों की सबसे कठिन सर्दियों की अवधि, ‘चिल्ले कलां’ का असर अब साफ दिखने लगा है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों जैसे गुलमर्ग, सोनमर्ग और साधना टॉप में भारी बर्फबारी हुई है।
- सड़कें बंद: भारी बर्फबारी और फिसलन के कारण मुगल रोड और बांदीपोरा-गुरेज मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
- तापमान: बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। घाटी के कई हिस्सों में पारा शून्य से नीचे चला गया है, जिससे गलन वाली ठंड बढ़ गई है।
दिल्ली-NCR: कोहरे का कहर और विमानों पर असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में बुधवार, 24 दिसंबर की सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही। पालम और सफदरजंग जैसे इलाकों में दृश्यता (Visibility) काफी कम दर्ज की गई।
उड़ानों पर प्रभाव
खराब मौसम और कम दृश्यता की सबसे अधिक मार हवाई सेवाओं पर पड़ी है:
- 10 उड़ानें रद्द: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर परिचालन संबंधी कठिनाइयों के कारण 10 उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
- 270 उड़ानों में देरी: कोहरे की वजह से करीब 270 से अधिक विमानों ने देरी से उड़ान भरी या लैंड किया, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
- एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस से संपर्क कर उड़ान की स्थिति जान लें।
रेल और सड़क यातायात
कोहरे का असर केवल हवाई मार्ग तक सीमित नहीं है। उत्तर रेलवे की लगभग 50 से अधिक ट्रेनें 2 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे जैसे राजमार्गों पर भी दृश्यता कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी रही।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान (IMD Update)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार:
- उत्तर भारत के राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली) में अगले 4-5 दिनों तक कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा।
- 27 दिसंबर तक सुबह और रात के समय घने से बहुत घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
- पहाड़ों पर हलचल: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में और बर्फबारी हो सकती है।
- दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।


