More
    HomeHindi NewsDelhi Newsभीषण ड्रोन और मिसाइल हमले के बीच फंसा था 'जग लाडकी', भारत...

    भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले के बीच फंसा था ‘जग लाडकी’, भारत आया तीसरा महत्वपूर्ण ईंधन टैंकर

    पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और मिसाइल हमलों के खतरों के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ (Jag Laadki) सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह युद्धग्रस्त क्षेत्र से सफलतापूर्वक निकलकर भारत आने वाला तीसरा महत्वपूर्ण ईंधन टैंकर है। यह घटना तब शुरू हुई जब ‘जग लाडकी’ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा पोर्ट पर ‘मुरबन क्रूड ऑयल’ लोड कर रहा था। उसी दौरान फुजैरा तेल टर्मिनल पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ।

    • बाल-बाल बचा जहाज: जिस समय टर्मिनल धधक रहा था, यह भारतीय जहाज वहीं मौजूद था। हालांकि, चालक दल की सूझबूझ और किस्मत से जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
    • सफलतापूर्वक रवानगी: हमले के अगले ही दिन, यह टैंकर लगभग 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो गया।

    इंडियन नेवी का ‘ऑपरेशन संकल्प’

    मिसाइल हमलों और ईरान-इजरायल तनाव के कारण ओमान की खाड़ी और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) इस समय दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता बना हुआ है। ‘जग लाडकी’ को सुरक्षित लाने में भारतीय नौसेना ने ढाल की तरह काम किया:

    • युद्धपोतों का घेरा: नौसेना ने ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत अपने युद्धपोतों (जैसे INS त्रिकंद) को इन जहाजों की सुरक्षा में तैनात किया है।
    • लगातार निगरानी: भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन टैंकरों को एस्कॉर्ट (Escort) कर रहे हैं ताकि किसी भी ड्रोन या मिसाइल हमले को हवा में ही नष्ट किया जा सके।
    • कूटनीतिक जीत: भारत ने ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की, जिसके बाद भारतीय झंडे वाले जहाजों को इस क्षेत्र से ‘सेफ पैसेज’ (सुरक्षित रास्ता) सुनिश्चित किया गया।

    ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्यों अहम है यह खबर?

    भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल और 60% एलपीजी आयात करता है। ‘जग लाडकी’ से पहले दो अन्य एलपीजी टैंकर, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।

    • इन जहाजों का सुरक्षित आना इस बात का प्रतीक है कि युद्ध के बावजूद भारत की रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई लाइन टूटी नहीं है।
    • वर्तमान में फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 600 से अधिक नाविक सवार हैं। नौसेना उनकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे अलर्ट पर है।
    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments