पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के उप-विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर बेहद तीखी और करारी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया था कि बिना अमेरिका के हस्तक्षेप के ईरान अपना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन सकता। इस पर पलटवार करते हुए खतीबजादेह ने कहा, “ट्रंप ईरान में नेतृत्व परिवर्तन (regime change) की मांग कर रहे हैं, जबकि वे न्यूयॉर्क के मेयर तक को नियुक्त नहीं कर सकते।” * ईरानी मंत्री ने इस बयान को अमेरिका का “औपनिवेशिक रवैया” करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ अमेरिका अपने देश में लोकतंत्र की वकालत करता है, और दूसरी तरफ वही प्रशासन ईरान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में खुलेआम हस्तक्षेप कर रहा है।
खतीबजादेह ने इसे ईरान के अस्तित्व को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के पास अब केवल एक ही विकल्प है—आक्रामक शक्तियों (अमेरिका और इजरायल) के हमलों का करारा जवाब देना। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे इस युद्ध को एक “वीरतापूर्ण और राष्ट्रवादी युद्ध” के रूप में लड़ रहे हैं। साथ ही, उन्होंने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चेतावनी दी है कि यदि वहां से ईरान पर हमला जारी रहता है, तो उन्हें निशाना बनाना ईरान की मजबूरी होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी 2026 से जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी-इजरायली हमले ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा चुके हैं, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो चुकी है।


