टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया (Air India) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर ने एविएशन जगत को चौंका दिया है, क्योंकि उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक प्रस्तावित था।
मैनेजमेंट ट्रेनी से CEO तक का सफर
कैंपबेल विल्सन का एविएशन करियर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने जमीन से जुड़कर इस उद्योग की बारीकियों को सीखा है:
- शुरुआत: न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में जन्मे विल्सन ने 1996 में सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) में एक मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
- वैश्विक अनुभव: उन्होंने कनाडा, हांगकांग और जापान जैसे देशों में SIA के लिए महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
- स्कूट (Scoot) की स्थापना: 2011 में उन्हें सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कस्ट सहायक कंपनी ‘स्कूट’ का संस्थापक CEO बनाया गया।
- एअर इंडिया में आगमन: जून 2022 में टाटा समूह ने उन्हें एअर इंडिया की कमान सौंपी। वे निजीकरण के बाद एयरलाइन के पहले विदेशी CEO बने।
कार्यकाल से 15-18 माह पहले इस्तीफे की वजह?
कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा उनके 5 साल के अनुबंध (जुलाई 2027) के खत्म होने से लगभग 15-18 महीने पहले आया है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके पीछे कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कारण रहे हैं।
- अहमदाबाद विमान हादसा (जून 2025): पिछले साल 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान (Boeing 787-8) के क्रैश होने से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही विल्सन के नेतृत्व और एयरलाइन के सुरक्षा मानकों पर भारी दबाव था।
- भारी वित्तीय घाटा: अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में एअर इंडिया का घाटा करीब 20,000 करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। एयरलाइन मार्च 2026 तक ‘ब्रेक-ईवन’ (बिना लाभ-हानि की स्थिति) का लक्ष्य हासिल करने में विफल रही।
- विस्तारा विलय और परिचालन बाधाएं: विस्तारा के साथ एअर इंडिया के विलय की प्रक्रिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में चल रहे विवादों ने प्रबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं।
- वैश्विक भू-राजनीति: पाकिस्तान द्वारा हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद किए जाने और पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) संकट के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों और लंबे रूटों ने परिचालन लागत को अत्यधिक बढ़ा दिया।
आगे क्या होगा?
एअर इंडिया के बोर्ड ने विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, लेकिन वे सितंबर 2026 तक पद पर बने रहेंगे ताकि नेतृत्व का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके। टाटा समूह पहले से ही नए CEO की तलाश में है और वैश्विक स्तर पर कई अनुभवी नामों पर विचार किया जा रहा है।
विल्सन ने अपने कार्यकाल के दौरान ‘Vihaan.ai’ जैसे ट्रांसफॉर्मेशन प्लान के जरिए एयरलाइन को आधुनिक बनाने और 470 नए विमानों का ऑर्डर देने जैसे साहसिक कदम उठाए, जिन्हें उनके योगदान के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।


