आज, 1 फरवरी 2026 को भारत के इतिहास में एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिल रहा है। रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार (BSE और NSE) में सामान्य दिनों की तरह कारोबार हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लगातार 9वें बजट भाषण से पहले शेयर बाजार में सावधानी और उतार-चढ़ाव का माहौल है।
बाजार की शुरुआत और वर्तमान स्थिति
सुबह बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही बिकवाली के दबाव में लाल निशान पर आ गया:
- सेंसेक्स (Sensex): लगभग 15-20 अंकों की गिरावट के साथ 82,300 के करीब कारोबार कर रहा है।
- निफ्टी (Nifty 50): 25,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 25,312 के आसपास बना हुआ है।
- सेक्टर अपडेट: मेटल और पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। चांदी और सोने की कीमतों में भारी गिरावट के कारण मेटल शेयरों पर दबाव है।
निवेशकों और मिडिल क्लास की उम्मीदें
बाजार और आम आदमी इस बजट से कुछ बड़े ऐलानों की आस लगाए बैठा है:
- इनकम टैक्स: ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स राहत और स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद।
- कैपिटल गेन टैक्स: निवेशक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स के नियमों में सरलीकरण या राहत चाहते हैं।
- प्रमुख सेक्टर्स: डिफेंस, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी में बड़े आवंटन की संभावना है, जिससे इन सेक्टर्स के शेयरों में हलचल बढ़ सकती है।
रविवार को ट्रेडिंग क्यों?
आजाद भारत के इतिहास में यह दूसरी बार है जब बजट रविवार को पेश हो रहा है। निवेशकों को बजट घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने और वैश्विक बाजारों के प्रभाव से बचने के लिए एक्सचेंजों ने आज विशेष सत्र रखने का फैसला किया है।
आज खरीदे गए शेयरों को कल (सोमवार) नहीं बेचा जा सकेगा, क्योंकि आज के सौदों का सेटलमेंट अगले कार्यदिवस में होगा।


