आज, 1 फरवरी 2026 को बजट पेश होने से ठीक पहले सर्राफा बाजार में भूकंप जैसी स्थिति है। रविवार को विशेष सत्र के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी गिरावट देखी गई है, जो हाल के वर्षों में विरल है।
बाजार में भारी हलचल: प्रमुख आंकड़े
पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरकर कीमतें अब काफी नीचे आ गई हैं:
- चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह ₹27,000 से ₹45,000 प्रति किलो तक टूटकर ₹2,74,410 के स्तर पर आ गई है। कुछ दिन पहले ही इसने ₹4.10 लाख का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
- सोना (Gold): सोने के दाम में भी ₹9,000 से ₹13,000 प्रति 10 ग्राम तक की भारी कटौती देखी गई है। MCX पर सोना ₹1,43,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो इसके ₹1.93 लाख के ऑल-टाइम हाई से काफी कम है।
गिरावट के 3 मुख्य कारण
- बजट की उम्मीदें: बाजार को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को 6% से घटाकर 3-4% कर सकती हैं। इस संभावना ने कीमतों पर दबाव बनाया है।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों और संस्थागत प्लेयर्स ने जमकर बिकवाली की है।
- वैश्विक संकेत व डॉलर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिका में ‘फेड चेयरमैन’ के नए नामांकन (केविन वॉर्श) के बाद वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ी है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
जानकारों का मानना है कि कीमतों में यह करेक्शन ‘ओवरबॉट’ स्थिति के कारण था। यदि बजट में ड्यूटी कटौती का ऐलान होता है, तो भाव में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, लॉन्ग टर्म के लिए विशेषज्ञ अभी भी सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।


