वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह उनका लगातार 9वां बजट भाषण है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में सरकार ने आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया है।
बजट भाषण की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
बजट 2026 के प्रमुख स्तंभ और ‘त्रि-आयामी’ दृष्टिकोण
वित्त मंत्री ने सरकार के तीन मुख्य कर्तव्यों और भविष्य के रोडमैप को रेखांकित किया:
- सतत आर्थिक विकास: विकास की गति को तेज और स्थायी बनाए रखना।
- जन-आकांक्षाएं और क्षमता निर्माण: लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और उनके कौशल का विकास करना।
- सबका साथ, सबका विकास: यह सुनिश्चित करना कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग (गरीब, महिला, युवा और किसान) तक पहुंचे।
प्रमुख आर्थिक सुधार और घोषणाएं
सरकार ने “सुधार एक्सप्रेस” (Reform Express) को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- ऐतिहासिक आर्थिक सुधार: पीएम मोदी के विजन के तहत 350 से अधिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की गई है, जिसमें जीएसटी का सरलीकरण और नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) को अधिसूचित करना शामिल है।
- 7% की विकास दर: वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने 7% की वृद्धि दर हासिल की है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है।
- बायो-फार्मा सेक्टर: अगले 5 वर्षों में बायो-फार्मा क्षेत्र के विकास के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- MSME और स्टार्टअप: सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक के क्रेडिट कार्ड और स्टार्टअप्स के लिए 20 करोड़ रुपये तक के लोन की बात कही गई है।
सुशासन में तकनीक (AI) का उपयोग
वित्त मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाने पर जोर दिया:
- AI एप्लीकेशन: सुशासन (Governance) को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा।
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: उत्पादन प्रणालियों में हो रहे बदलावों को देखते हुए भारत को वैश्विक बाजार के साथ और अधिक मजबूती से एकीकृत किया जाएगा।
समाज के विभिन्न वर्गों के लिए विशेष ध्यान
| वर्ग | प्रमुख पहल/संकल्प |
|---|---|
| युवा | यह बजट ‘युवा शक्ति’ से प्रेरित है; कौशल विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान। |
| किसान | कृषि उत्पादकता बढ़ाने और परिवारों की क्रय शक्ति में सुधार लाने का लक्ष्य। |
| महिलाएं | वंचित वर्गों और महिलाओं तक समान अवसरों की पहुंच सुनिश्चित करना। |
| गरीब और शोषित | सरकार का प्राथमिक संकल्प ‘गरीब’ और ‘हाशिए पर पड़े’ लोगों का कल्याण है। |


