महाराष्ट्र निकाय चुनाव (विशेषकर बीएमसी) के नतीजों में मिली भारी बढ़त के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खेमे में जश्न का माहौल है। पार्टी नेतृत्व ने इस जीत को केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि मुंबई की “मुक्ति” के रूप में पेश किया है।
शिवाजी की सेना से तुलना
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावी जनादेश पर खुशी जताते हुए इसकी तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के आगे बढ़ने से की है।
- भाजपा नेताओं ने कहा कि जिस तरह शिवाजी महाराज की सेना ने बाधाओं को पार कर स्वराज की स्थापना की थी, उसी तरह भाजपा-शिंदे गठबंधन ने “भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के किलों” को ढहाकर मुंबई में सुशासन की नींव रखी है।पार्टी ने इस परिणाम को ‘असली शिवसैनिकों’ की जीत बताया है, जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विकास की राजनीति कर रहे हैं।
बीएमसी में नया समीकरण
दोपहर तक आए रुझानों में भाजपा गठबंधन (महायुति) ने 114 के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है।
देवेंद्र फडणवीस का ट्वीट: “यह मुंबई की जनता की जीत है जिन्होंने विभाजनकारी राजनीति को नकार कर विकास और प्रधानमंत्री मोदी के विजन को चुना है।”
विपक्ष पर प्रहार
भाजपा ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन (MVA+) पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने दिखा दिया है कि भावनात्मक कार्ड और ‘मराठी मानुष’ के नाम पर डराने की राजनीति अब काम नहीं आएगी। भाजपा ने दावा किया कि वे मुंबई के हर वर्ग (मराठी, हिंदी भाषी, गुजराती और दक्षिण भारतीय) का विश्वास जीतने में सफल रहे हैं।
| मुख्य बिंदु | भाजपा का दावा |
| भ्रष्टाचार | बीएमसी से ‘पार्षद राज’ और ‘कमीशन खोरी’ का अंत होगा। |
| विकास | कोस्टल रोड और मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट्स को अब और गति मिलेगी। |
| साख | यह जीत 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद महायुति की सबसे बड़ी उपलब्धि है। |


