चंडीगढ़ स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय पर हुए हालिया ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले दो युवक, अमन और गुरतेज थे।
हमले की साजिश और फरार होने का तरीका
पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अमन और गुरतेज ने योजनाबद्ध तरीके से भाजपा कार्यालय के पास पहुंचकर ग्रेनेड फेंके। हमला करने के बाद दोनों आरोपी किसी निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके भागे। वे सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंचे और वहां से साधारण बस पकड़कर खरड़ (मोहाली) की ओर निकल गए। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भीड़भाड़ वाले रास्तों और बसों का सहारा लिया, ताकि किसी का उन पर शक न जाए।
जांच में हुए अन्य खुलासे
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपियों के संबंध सीमा पार बैठे आतंकी संगठनों या उनके गुर्गों से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन युवकों के पास सैन्य-ग्रेड के ग्रेनेड कहां से आए और इन्हें यह काम सौंपने वाला ‘हैंडलर’ कौन था। फतेहगढ़ साहिब और खरड़ में उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या कोई और स्थानीय व्यक्ति भी इस साजिश में शामिल था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा
इस खुलासे के बाद भाजपा नेताओं ने पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने संवेदनशील इलाकों और राजनीतिक कार्यालयों के बाहर सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है।
अमन और गुरतेज की गिरफ्तारी इस मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के बाद पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय अन्य स्लीपर सेल्स का भी पता लगाया जा सकेगा।


