पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट इस बार पूरे देश की चर्चा का केंद्र बन गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की दुष्कर्म पीड़िता की मां, रत्ना देबनाथ को यहां से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने गुरुवार से अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया।
चुनावी रण में रत्ना देबनाथ: मुख्य संकल्प
रत्ना देबनाथ ने प्रचार के पहले दिन मीडिया और स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए भावुक लेकिन दृढ़ संदेश दिया। उनके अभियान के तीन मुख्य स्तंभ हैं:
- महिलाओं की सुरक्षा (Women’s Safety): उन्होंने कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य बंगाल की हर बेटी के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाना है, ताकि किसी और परिवार को वह दर्द न झेलना पड़े जो उन्होंने झेला है।
- न्याय की लड़ाई: रत्ना देबनाथ के अनुसार, उनकी उम्मीदवारी केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ ‘न्याय’ की मांग है।
- सशक्तिकरण: उन्होंने वादा किया कि वह विधानसभा में जाकर महिलाओं के हक और उनके सशक्तिकरण के लिए कड़े कानून बनाने की दिशा में काम करेंगी।
पानीहाटी सीट का समीकरण
पानीहाटी सीट पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का गढ़ रही है, जहां से निर्मल घोष जैसे कद्दावर नेता प्रतिनिधित्व करते आए हैं। भाजपा ने रत्ना देबनाथ को उतारकर इस चुनाव को ‘सत्ता बनाम न्याय’ की लड़ाई बना दिया है। आरजी कर कांड के बाद हुए व्यापक ‘अभया’ आंदोलन का असर इस निर्वाचन क्षेत्र में साफ देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और खासकर महिला मतदाताओं के बीच रत्ना देबनाथ के प्रति गहरी सहानुभूति है।
पृष्ठभूमि और आरजी कर कांड
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई दुष्कर्म की वीभत्स घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। तब से ही पीड़िता का परिवार न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। भाजपा ने रत्ना देबनाथ को टिकट देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ‘महिला सुरक्षा’ को इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। रत्ना देबनाथ के चुनाव प्रचार की शुरुआत के साथ ही पानीहाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राजनीति में किसी पद के लालच में नहीं, बल्कि अपनी बेटी को सच्ची श्रद्धांजलि देने और समाज में बदलाव लाने के लिए आई हैं।


