कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) में चल रहे पुनरुद्धार कार्यों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक आधिकारिक बयान में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर ‘भोंडे सौंदर्यीकरण’ के नाम पर काशी की सदियों पुरानी विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया है।
विरासत बनाम विकास का विवाद
कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार व्यवसायीकरण के बहाने बनारस की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ‘बुल्डोज’ कर रही है।
- मणिकर्णिका घाट का मुद्दा: पार्टी ने विशेष रूप से मणिकर्णिका घाट का उल्लेख किया, जिसका पुनरुद्धार कभी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने करवाया था। कांग्रेस का आरोप है कि ‘रिनोवेशन’ के नाम पर ऐतिहासिक संरचनाओं को उजाड़ना एक “घोर पाप” है।
- इतिहास मिटाने का आरोप: कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इसे विकास नहीं, बल्कि “विनाश” का दर्जा दिया जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, भाजपा सरकार काशी के इतिहास और धार्मिक भावनाओं पर हमला कर रही है।
बीजेपी का पक्ष: ‘नव्य और भव्य’ काशी
कांग्रेस के इन आरोपों के बीच, भाजपा और सरकार इसे काशी के कायाकल्प के रूप में पेश कर रही है:
- मणिकर्णिका-हरिश्चंद्र घाट प्रोजेक्ट: सरकार का तर्क है कि घाटों पर बढ़ती भीड़ और सुविधाओं के अभाव को देखते हुए आधुनिकीकरण जरूरी है। इस प्रोजेक्ट के तहत दाह संस्कार के लिए आधुनिक तकनीक और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है।
- सांस्कृतिक संरक्षण: भाजपा नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के धाम को वह गौरव वापस दिलाया है, जो सदियों से खो गया था।
वाराणसी में चल रहे मुख्य प्रोजेक्ट्स (एक नजर में)
| परियोजना | स्थिति / उद्देश्य |
| मणिकर्णिका घाट पुनरुद्धार | प्राचीन भवनों के संरक्षण के साथ सुविधाओं का विस्तार। |
| काशी-विश्वनाथ धाम | गंगा तट से सीधे मंदिर तक सुलभ मार्ग (पूर्ण)। |
| रोपवे प्रोजेक्ट | ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए परिवहन का नया माध्यम। |
कांग्रेस का मानना है कि काशी केवल कंक्रीट का शहर नहीं, बल्कि अध्यात्म और शिक्षा का संगम है, जिसे व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स के कारण नुकसान पहुँच रहा है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी इसे ‘विरासत और विकास’ के समन्वय के रूप में देखते हैं।


