टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर खड़ी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चयनकर्ताओं और फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत फॉर्म ने टीम इंडिया के ‘मिशन वर्ल्ड कप’ पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विशेष रूप से युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और मध्यक्रम के भरोसेमंद कहे जाने वाले तिलक वर्मा की फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है। अभिषेक शर्मा, जिन्हें भारतीय बल्लेबाजी के नए आक्रामक चेहरे के रूप में देखा जा रहा था, फिलहाल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- खराब फॉर्म: पिछली 10 पारियों में अभिषेक के बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला है। टी20 वर्ल्ड के 3 मैचों में वे 0 पर आउट हुए हैं। उनकी सबसे बड़ी समस्या शुरुआती ओवरों में गेंद को सही से टाइम न कर पाना और ‘शॉर्ट पिच’ गेंदों पर फंसना रही है।
- तिलक वर्मा टीम के लिए निरंतर रन तो बना रहे हैं, लेकिन आधुनिक टी20 क्रिकेट के लिहाज से उनका स्ट्राइक रेट चिंता का विषय बना हुआ है।
- धीमी बल्लेबाजी: मिडिल ओवर्स (7-15 ओवर) के दौरान तिलक की बल्लेबाजी में आक्रामकता की कमी देखी गई है। उनका स्ट्राइक रेट अक्सर 120-125 के आसपास रहता है, जो डेथ ओवर्स में आने वाले बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा देता है।
- फिनिशिंग की चुनौती: सूर्यकुमार यादव और रिंकू सिंह जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों के बीच तिलक को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक-एक गेंद की कीमत होती है, जहां ‘डॉट्स बॉल्स’ की गलती भारी पड़ सकती है।
क्या होगा टीम इंडिया का अगला कदम?
बैकअप प्लान: संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को आजमाने का विकल्प भी खुला है। अगले कुछ मैच इन दोनों खिलाड़ियों के करियर के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति वाले होंगे। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर छोटी सी भी तकनीकी खामी पूरे देश का सपना तोड़ सकती है।


