पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों के हमलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले किए हैं। इन घटनाओं में कम से कम 14 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने की खबर है। हमलों के दौरान सड़क और परिवहन ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई।
IED से बनाया गया निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक, BLA ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के वाहनों और सैन्य गतिविधियों को निशाना बनाने के लिए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किया। एक हमले में तीन पाकिस्तानी जवानों की मौत होने की बात सामने आई है। इसके अलावा अलग-अलग घटनाओं में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया। BLA लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चला रहा है।
हाल के महीनों में संगठन की रणनीति में सड़क मार्गों, सैन्य काफिलों, पुलों और आपूर्ति मार्गों को निशाना बनाना भी शामिल रहा है। जुलाई में BLA ने 15 दिनों के दौरान 48 हमले करने का दावा किया था और इनमें 40 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने की बात कही थी। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि कई मामलों में मुश्किल होती है।
कई किलोमीटर सड़क को नुकसान
हमलों में केवल जवान ही निशाने पर नहीं रहे। BLA की गतिविधियों के दौरान महत्वपूर्ण सड़क मार्गों और दूसरे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। सड़कें काटे जाने या मार्गों पर अवरोध खड़े किए जाने से सुरक्षा बलों की आवाजाही और सैन्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बलूचिस्तान का बड़ा हिस्सा दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में फैला हुआ है। ऐसे में सड़क नेटवर्क सुरक्षा बलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विद्रोही संगठन जब इन्हीं रास्तों को निशाना बनाते हैं तो सेना के लिए एक इलाके से दूसरे इलाके तक तेजी से पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले
यह पहली बार नहीं है जब BLA ने बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। अगस्त में मस्तुंग जिले में एक सैन्य काफिले पर IED हमले और उसके बाद घात लगाकर किए गए हमले में BLA ने 13 पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मारने का दावा किया था। संगठन के मुताबिक, इस हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए थे।
सितंबर की शुरुआत में भी BLA ने बलूचिस्तान में 28 अभियानों के दौरान 52 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों को मारने का दावा किया था। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आखिर क्यों सुलग रहा है बलूचिस्तान?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन लंबे समय से यहां अलगाववादी आंदोलन और हिंसा जारी है। BLA समेत बलूच विद्रोही संगठन पाकिस्तान से आजादी या अधिक स्वायत्तता की मांग करते हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का पर्याप्त लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिलता और राजनीतिक तथा आर्थिक स्तर पर उनके साथ भेदभाव किया जाता है।
पाकिस्तान सरकार इन संगठनों को आतंकवादी मानती है और उनके खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखे हुए है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हाल ही में विद्रोहियों के साथ बातचीत की संभावना से इनकार करते हुए कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
लगातार हो रहे हमलों से साफ है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान के लिए अभी भी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बना हुआ है। सुरक्षा बलों और विद्रोही संगठनों के बीच बढ़ती हिंसा से आम लोगों की आवाजाही और क्षेत्र के विकास पर भी असर पड़ने की आशंका है।


