More
    HomeHindi Newsअमेरिका से अंतिम मंजूरी का इंतजार, ईरान से 'आर-पार' की लड़ाई के...

    अमेरिका से अंतिम मंजूरी का इंतजार, ईरान से ‘आर-पार’ की लड़ाई के मूड में इजरायल

    पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट एक बार फिर तेज हो गई है। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने एक बेहद कड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्राइली सेना (IDF) ईरान पर दोबारा बड़े हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार है और अब बस अमेरिका की ‘हरी झंडी’ (Green Light) का इंतजार है।

    काट्ज़ की चेतावनी: “ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे”

    23 अप्रैल 2026 को एक सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि इस्राइल इस बार ‘आर-पार’ की लड़ाई के मूड में है। काट्ज़ के अनुसार, हमले के लक्ष्य (Targets) तय कर लिए गए हैं। इस बार इस्राइल का निशाना न केवल सैन्य ठिकाने होंगे, बल्कि ईरान का ऊर्जा ढांचा और उसकी अर्थव्यवस्था की नींव भी होगी।

    रक्षा मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान को “अंधकार युग” (Dark Ages) में वापस भेजना और खमेनेई शासन का पूरी तरह सफाया करना है। इस्राइल ने चेतावनी दी है कि अगला हमला पिछले हमलों की तुलना में कहीं अधिक घातक और विनाशकारी होगा।


    अमेरिका की भूमिका और कूटनीतिक दबाव

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश विमानवाहक पोत की तैनाती कर दी है।

    • हालांकि इस्राइल हमले के लिए तैयार है, लेकिन वह वाशिंगटन से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। ट्रंप प्रशासन फिलहाल प्रतिबंधों और सैन्य घेराबंदी के जरिए ईरान को बिना पूर्ण युद्ध के घुटनों पर लाने की कोशिश कर रहा है। एक तरफ लेबनान के साथ 3 सप्ताह का युद्ध विराम बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ युद्ध की लकीरें खिंचती दिख रही हैं।

    ईरान की स्थिति: कमजोर नेतृत्व और आंतरिक संकट

    इस्राइली खुफिया रिपोर्टों का दावा है कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व (मुजतबा खमेनेई सहित) इस समय बंकरों में छिपा हुआ है और वे सही तरीके से संवाद नहीं कर पा रहे हैं।

    • इस्राइल का मानना है कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली लगभग ध्वस्त हो चुकी है और उसका पूरा राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा अब इस्राइली मिसाइलों की जद में है। पश्चिम एशिया में यह ‘शांति’ किसी बड़े तूफान के आने का संकेत हो सकती है। यदि अमेरिका की मंजूरी मिलती है, तो यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय न रहकर एक बड़े वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।
    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments