पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा यह सैन्य संघर्ष अगले चार हफ्तों तक जारी रह सकता है। ट्रंप ने इसे एक “निश्चित समय सीमा वाली प्रक्रिया” बताया है।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और ट्रंप के बयान के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
ट्रंप का ‘चार हफ्ते’ का फॉर्मूला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। उनके बयान की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- समय सीमा: ट्रंप ने कहा, “यह हमेशा से चार सप्ताह की प्रक्रिया रही है। हमें लगता है कि इसमें चार हफ्ते या उससे थोड़ा कम समय लगेगा।”
- ईरान का आकार: उन्होंने तर्क दिया कि ईरान एक बड़ा देश है, इसलिए इसकी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नियंत्रित करने में इतना समय लगना स्वाभाविक है।
- न्यूनतम क्षति का दावा: ट्रंप का मानना है कि यह ऑपरेशन “दुनिया के लिए एक बेहतरीन डील” साबित होगा।
संघर्ष की वर्तमान स्थिति
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में युद्ध की आग काफी भड़क चुकी है। अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए हैं। पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में तीन अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए हैं, जो दूसरे कार्यकाल में ट्रंप के लिए एक बड़ी सैन्य चुनौती है। जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
कूटनीति की गुंजाइश?
भले ही ट्रंप चार हफ्ते तक युद्ध चलने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह ईरान के बचे हुए नेतृत्व के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, “वे बात करना चाहते हैं, और मैं भी सहमत हूँ। उन्हें यह काम बहुत पहले कर लेना चाहिए था।”
भविष्य की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान युद्ध के मनोवैज्ञानिक दबाव को बढ़ाने और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की एक रणनीति हो सकती है। हालांकि, ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) की कोशिशें और दोनों तरफ से होते हमले इस संकट को और लंबा खींच सकते हैं।


