पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा (Post-Poll Violence) का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को कोलकाता के पास सोनारपुर में एक उग्र भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद राज्य की सियासत में भारी उबाल आ गया है। हमले के सिलसिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, टीएमसी ने इस घटना के विरोध में आज (रविवार) पूरे राज्य में सड़कों पर उतरकर व्यापक प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
कैसे हुआ अभिषेक बनर्जी पर हमला?
अभिषेक बनर्जी शनिवार को सोनारपुर इलाके में चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान एक उग्र भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया।
- पत्थरबाजी और हाथापाई: प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते हुए उन पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके। लगभग 10 मिनट तक चले इस हिंसक हमले में अभिषेक बनर्जी के कपड़े फट गए, उनका चश्मा टूट गया और उन्हें पीठ व सीने पर चोटें आईं।
- हेलमेट पहनाकर बचाई जान: हालात इतने बेकाबू हो गए कि सुरक्षाकर्मियों को अभिषेक बनर्जी की जान बचाने के लिए उन्हें एक पुलिस/क्रिकेट हेलमेट पहनाना पड़ा। सुरक्षा बलों ने उन्हें 600 मीटर तक पैदल एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
ममता बनर्जी और विपक्ष का कड़ा प्रहार
इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “शासक हत्यारे बन गए हैं, भाजपा को शर्म आनी चाहिए।” वहीं, अभिषेक बनर्जी ने इसे अपनी हत्या की एक सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा, “मैंने हेलमेट नहीं पहना होता तो मेरा सिर दो टुकड़ों में बंट गया होता। यह भाजपा प्रायोजित हमला है।”
इस घटना की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित तमाम विपक्षी नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। राहुल गांधी ने इसे “भाजपा की बदले की राजनीति का बदसूरत चेहरा” करार दिया है। हालांकि, राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हमले की निंदा की, लेकिन इसमें पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार करते हुए इसे लोगों का ‘जन आक्रोश’ बताया।
आज टीएमसी का शक्ति प्रदर्शन
गिरफ्तारियों के बावजूद टीएमसी का आक्रोश कम नहीं हुआ है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में सत्ता बदलते ही कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसके खिलाफ आज टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। राजनीतिक तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


