जम्मू और कश्मीर में हुई एक घटना ने सांप्रदायिक सद्भाव और इंसानियत की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। जम्मू के नरवाल इलाके में प्रशासन द्वारा कथित अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान एक मुस्लिम पत्रकार के घर पर बुलडोजर चला दिया गया। इस मुश्किल घड़ी में उनके हिंदू पड़ोसी ने सहायता का हाथ बढ़ाया और उन्हें दोबारा घर बनाने के लिए अपनी जमीन का एक टुकड़ा तोहफे में दे दिया।
पड़ोसी धर्म: दिल छू लेने वाला कदम
पत्रकार अराफाज अहमद के घर को जब ध्वस्त किया गया, तो उनका परिवार पूरी तरह से बेघर हो गया। उनकी मदद के लिए उनके पड़ोसी कुलदीप कुमार आगे आए। कुलदीप ने न केवल अराफाज के परिवार को भावनात्मक संबल दिया, बल्कि उन्हें अपना घर दोबारा बनाने में मदद करने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया।
बलदेव सिंह ने अराफाज अहमद को अपने निजी प्लॉट का एक हिस्सा कानूनी तौर पर गिफ्ट डीड के माध्यम से सौंप दिया। कुलदीप कुमार का कहना था कि, “अराफाज और उनका परिवार लंबे समय से हमारे पड़ोसी रहे हैं। इस विपदा की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना मेरा नैतिक और मानवीय कर्तव्य है। हमारा रिश्ता दशकों पुराना है, और यह रिश्ता किसी धर्म या राजनीति से बड़ा है।”
मोहम्मद लतीफ ने जताया आभार
पत्रकार अराफाज अहमद ने कुलदीप कुमार के इस नेक कार्य के लिए भावुक होकर आभार व्यक्त किया। लतीफ ने कहा कि, “आज के माहौल में, जहाँ छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ता है, कुलदीप कुमार ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत और पड़ोसी धर्म सबसे ऊपर है। उन्होंने सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं दिया है, बल्कि हमें यह भरोसा दिया है कि अच्छाई अभी भी ज़िंदा है।”
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान ज़ोरों पर है, लेकिन कुलदीप कुमार का यह निस्वार्थ कार्य जम्मू के लोगों के बीच की पुरानी भाईचारे की भावना को दर्शाता है, जिसे कई दशकों से संजोया गया है। यह कहानी देश भर में सद्भावना का संदेश दे रही है।


