केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के गुवाहाटी में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधा। अपने दौरे के दौरान स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए शाह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के संसद परिसर में व्यवहार को लेकर कड़े सवाल उठाए।
संसद की गरिमा पर सवाल
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “कभी-कभी वे संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है और नाश्ता करने के लिए यह उचित स्थान नहीं है?” शाह ने कहा कि राहुल गांधी का यह कृत्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि उससे दो कदम आगे की हरकत है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार से पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब होती है और यह संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
- कांग्रेस पर निशाना: शाह ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का विरोध करे, जितना चाहे उतना करे, लेकिन संसद में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय वे सदन से भाग जाते हैं।
असम दौरे का संदर्भ:
अमित शाह असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जो आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए:
- मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर: उन्होंने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने गोलाघाट और तिनसुकिया में कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया।
- शिलान्यास: शाह ने जोरहाट, डिब्रूगढ़ और बारपेटा मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों सहित 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
- युवा शक्ति समारोह: अपने दौरे के दूसरे भाग में उन्होंने खानपारा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) द्वारा आयोजित ‘युवा शक्ति समारोह’ को संबोधित किया, जिसमें राज्य भर से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के ठीक पहले अमित शाह का यह आक्रामक रुख न केवल विपक्ष को घेरने की रणनीति है, बल्कि राज्य में भाजपा के विकास एजेंडे को मजबूती से पेश करने का एक माध्यम भी है।


