More
    HomeHindi NewsDelhi News'काला हिरण' को लेकर कानूनी लड़ाई, सलमान खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट...

    ‘काला हिरण’ को लेकर कानूनी लड़ाई, सलमान खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे अमित जानी

    फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ (Kala Hiran: The Battle For Legacy) को लेकर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म निर्माता अमित जानी के बीच कानूनी लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गई है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद, निर्माता अमित जानी (जानी फायरफॉक्स फिल्म्स) ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

    क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?

    • हाई कोर्ट का आदेश: 27 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह ने सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) के उल्लंघन का हवाला देते हुए मेकर्स को 24 घंटे के भीतर फिल्म का टीजर, इंटरव्यू और सभी संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का सख्त निर्देश दिया था।
    • सलमान खान के आरोप: सलमान खान की कानूनी टीम ने कोर्ट में दलील दी कि दो मिनट के टीजर में ‘अयान खान’ नाम के काल्पनिक सुपरस्टार किरदार के जरिए उन्हें दिखाया गया है। टीजर में उनकी फिल्मों ‘दबंग’ और ‘सिकंदर’ के संदर्भ, हाथ में पहना जाने वाला उनका सिग्नेचर नीला ब्रेसलेट, कान की बाली और 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़े संदर्भों का उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया है।
    • गवाहों को प्रभावित करने का चित्रण: याचिका में यह भी कहा गया कि टीजर में कोर्टरूम ड्रामा के जरिए सुपरस्टार को गवाहों को डराने-धमकाने और जांच में बाधा डालने वाले के रूप में पेश किया गया है, जो उनकी सामाजिक छवि को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंचाता है।

    सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मेकर्स: अमित जानी का तर्क

    दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए निर्माता अमित जानी ने निम्नलिखित दलीलें पेश की हैं:

    1. सृजनात्मक अभिव्यक्ति की आजादी: निर्माता ने कहा कि पर्सनैलिटी राइट्स के नाम पर सार्वजनिक डोमेन में मौजूद घटनाओं और न्यायिक इतिहास को दिखाने से नहीं रोका जा सकता। अगर ऐसा हुआ तो यह स्वतंत्र फिल्म निर्माण, पत्रकारिता और कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक गलत मिसाल बनेगा।
    2. बायोपिक न होने का दावा: मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है और न ही फिल्म में सीधे तौर पर सलमान या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को दिखाया गया है।
    3. टीजर की बहाली की मांग: याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा हटाए गए टीजर और प्रमोशनल इंटरव्यूज को तुरंत बहाल (Restore) करने की मांग की गई है।

    सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी, जिससे यह तय होगा कि सिनेमा में पर्सनैलिटी राइट्स और कलात्मक स्वतंत्रता की सीमा कहां तक तय की जाती है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments