जनवरी 2026 में वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। अमेरिका न केवल वेनेजुएला का शासन चलाएगा, बल्कि वहां के तेल संसाधनों का प्रबंधन कर पैसा भी कमाएगा।
चीन पर प्रभाव: तेल की सप्लाई और पुराना कर्ज
चीन के लिए वेनेजुएला एक रणनीतिक साझेदार रहा है, लेकिन अमेरिकी नियंत्रण के बाद समीकरण बदल गए हैं:
- तेल की आपूर्ति: चीन वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे चीन को तेल की सप्लाई जारी रख सकते हैं, लेकिन अब इसकी शर्तें और कीमतें अमेरिका तय करेगा।
- अरबों डॉलर का दांव: वेनेजुएला पर चीन का लगभग 60 अरब डॉलर का कर्ज है, जिसकी भरपाई वह तेल के जरिए करता रहा है। अमेरिकी कब्जे के बाद चीन को अपना पैसा डूबने या नए सिरे से सौदेबाजी करने का डर है।
- रणनीतिक झटका: दक्षिण अमेरिका में चीन के बढ़ते प्रभाव को यह अमेरिका की सीधी चुनौती है।
भारत पर असर: अवसर और चुनौतियां
भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। वेनेजुएला में स्थिरता या बदलाव का भारत पर दोहरा असर हो सकता है:
- सस्ते तेल की उम्मीद: यदि अमेरिका वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाता है और प्रतिबंध हटाता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है।
- आयात विविधीकरण: भारत लंबे समय से वेनेजुएला से तेल खरीदने का इच्छुक रहा है (2024 में भारत ने वहां से 22 मिलियन बैरल आयात किया था)। अमेरिकी नियंत्रण के बाद भारतीय रिफाइनरियों (जैसे रिलायंस और नयरा) को भारी कच्चा तेल (Heavy Crude) आसानी से मिल सकता है।
- टैरिफ का खतरा: ट्रंप ने पहले उन देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी जो वेनेजुएला से तेल खरीदते हैं। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वह अमेरिका के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर बिना अतिरिक्त शुल्क के तेल आयात जारी रखे।
मौजूदा स्थिति का सारांश
| क्षेत्र | प्रभाव की प्रकृति | मुख्य बिंदु |
| ग्लोबल ऑयल मार्केट | अनिश्चितता | सप्लाई बढ़ने की संभावना, लेकिन तत्काल कीमतों में उतार-चढ़ाव। |
| भारतीय अर्थव्यवस्था | मिश्रित | आयात बिल कम होने की संभावना, लेकिन कूटनीतिक दबाव। |
| चीन | नकारात्मक | ऊर्जा सुरक्षा और पुराने निवेश पर संकट। |
भारत सरकार ने वर्तमान हालातों को देखते हुए अपने नागरिकों को वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है और वहां मौजूद भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।


