साल 1972 के ‘अपोलो 17’ मिशन के बाद, यानी पूरे 54 साल बाद, इंसान एक बार फिर चंद्रमा की दहलीज पर कदम रखने को तैयार है। नासा (NASA) का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन आज, 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिशन न केवल विज्ञान के लिए, बल्कि मानवीय विविधता के लिए भी एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। आज शाम (भारतीय समयानुसार रात के समय) होने वाला यह लॉन्च अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत है। 54 साल का इंतजार खत्म होने वाला है, और पूरी दुनिया की नजरें केनेडी स्पेस सेंटर के ‘लॉन्च पैड 39B’ पर टिकी हैं।
कौन हैं वो 4 जांबाज अंतरिक्ष यात्री?
इस मिशन पर जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्री अपने साथ कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड लेकर उड़ान भरेंगे:
- रीड वाइसमैन (Reid Wiseman): मिशन कमांडर।
- विक्टर ग्लोवर (Victor Glover): पायलट; चंद्रमा मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति।
- क्रिस्टीना कोच (Christina Koch): मिशन स्पेशलिस्ट; चंद्रमा के पास जाने वाली पहली महिला।
- जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen): मिशन स्पेशलिस्ट; चंद्रमा के सफर पर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी (कनाडाई)।
क्या है मिशन का प्लान और तैयारी?
आर्टेमिस-2 कोई साधारण उड़ान नहीं है, बल्कि यह मंगल ग्रह तक पहुंचने के इंसान के सपने का ‘ट्रेलर’ है:
- 10 दिनों का सफर: यह अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह पर उतरेगा नहीं, बल्कि उसकी परिक्रमा कर वापस धरती पर लौटेगा। यह 10 दिनों में लगभग 6 लाख मील का सफर तय करेगा।
- SLS रॉकेट और ओरियन कैप्सूल: यह नासा के सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) की दूसरी और ‘ओरियन’ अंतरिक्ष यान की पहली मानवयुक्त उड़ान है।
- फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र: यान चंद्रमा के पीछे से लगभग 7,600 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा और पृथ्वी के वायुमंडल में 40,000 किमी/घंटा की रफ्तार से पुनः प्रवेश करेगा।
यह मिशन इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
- जीवन रक्षक प्रणाली की जांच: यह मिशन गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) में इंसानों के लिए ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की मजबूती को परखेगा।
- 2028 की तैयारी: आर्टेमिस-2 की सफलता ही 2028 में होने वाले ‘आर्टेमिस-3’ मिशन का रास्ता साफ करेगी, जिसमें इंसान 5 दशकों बाद फिर से चांद की सतह पर कदम रखेगा।
- मंगल मिशन का आधार: नासा इस मिशन के जरिए यह सीखना चाहता है कि चांद को एक ‘लॉन्च पैड’ की तरह इस्तेमाल कर मंगल (Mars) तक कैसे पहुंचा जा सकता है।


