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    कांग्रेस में “सब कुछ ठीक है”, खरगे-राहुल से मिलकर बोले शशि थरूर

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पार्टी आलाकमान के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी तनातनी आखिरकार खत्म होती नजर आ रही है। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद थरूर ने स्पष्ट किया कि पार्टी में “सब कुछ ठीक है”

    ​बैठक की मुख्य बातें

    ​संसद भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में यह मुलाकात लगभग आधे घंटे (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 2 घंटे) तक चली। बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद थे। बैठक के बाद बाहर निकले शशि थरूर के चेहरे पर मुस्कान थी और उन्होंने मीडिया से सकारात्मक बातचीत की:

    • “हम एक ही पेज पर हैं”: थरूर ने कहा, “हमारी बातचीत बहुत अच्छी, रचनात्मक और सकारात्मक रही। अब हम सब एक साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।”
    • मतभेदों पर विराम: जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई नाराजगी है, तो उन्होंने जवाब दिया, “आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमने वह सब कहा जो कहने की जरूरत थी।”
    • चुनाव प्रचार: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगामी केरल विधानसभा चुनाव (2026) के लिए पूरी तरह सक्रिय रहेंगे और पार्टी के लिए हमेशा की तरह प्रचार करेंगे।

    ​विवाद की पृष्ठभूमि: क्या था पूरा मामला?

    ​यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि पिछले एक हफ्ते से थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी की खबरें सुर्खियों में थीं। विवाद के मुख्य कारण निम्नलिखित थे:

    1. कोच्चि का ‘अपमान’: 19 जनवरी को कोच्चि में ‘महापंचायत’ के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कई नेताओं के नाम लिए, लेकिन कथित तौर पर थरूर का नाम नहीं लिया। इसे थरूर के समर्थकों ने एक ‘सार्वजनिक अपमान’ (Snub) के रूप में देखा।
    2. महत्वपूर्ण बैठकों से दूरी: थरूर ने पिछले हफ्ते दिल्ली में हुई केरल चुनाव रणनीति की एक अहम बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, उन्होंने इसका कारण केरल लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी पूर्व व्यस्तता बताया था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा गया।
    3. मुख्यमंत्री पद की चर्चा: केरल में थरूर की लोकप्रियता को देखते हुए अक्सर उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग उठती रही है, जिस पर पार्टी आलाकमान ने अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है।

    ​आज की इस मुलाकात ने उन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है कि थरूर पार्टी से अलग राह चुन सकते हैं। थरूर ने साफ किया कि उनकी दिलचस्पी किसी पद की उम्मीदवारी में नहीं, बल्कि संसद में अपने मतदाताओं की सेवा करने में है।

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