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    ‘धुरंधर 2’ को करार दिया ‘प्रोपेगेंडा’, भड़के AIMIM नेता वारिस पठान और ध्रुव राठी

    निर्देशक आदित्य धर की बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ अपनी रिलीज से पहले ही बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद के केंद्र में आ गई है। फिल्म को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान और मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘प्रोपेगेंडा’ करार दिया है।

    वारिस पठान का कड़ा ऐतराज

    AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने फिल्म के ट्रेलर और विषयवस्तु पर हमला बोलते हुए कहा कि यह फिल्म समाज में नफरत फैलाने और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश है। पठान का मुख्य आरोप है कि:

    • ऐसी फिल्में एक खास एजेंडे के तहत बनाई जाती हैं ताकि चुनाव से पहले या विशेष समय पर ध्रुवीकरण किया जा सके।
    • उन्होंने फिल्म को “प्रोपेगेंडा का हथियार” बताते हुए दावा किया कि इसमें एक विशेष समुदाय को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे देश का माहौल खराब हो सकता है।

    ध्रुव राठी बनाम आदित्य धर

    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी ने भी इस विवाद में कूदते हुए फिल्म के निर्देशक आदित्य धर पर सीधा निशाना साधा है। राठी ने अपने विश्लेषण में कहा कि:

    • ‘धुरंधर 2’ केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि “जबरदस्त प्रोपेगेंडा” फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
    • उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म तथ्यों के बजाय नैरेटिव सेट करने पर ज्यादा केंद्रित है।
    • राठी ने आदित्य धर की पिछली फिल्मों (जैसे उरी) का संदर्भ देते हुए इसे उसी कड़ी का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य तार्किक चर्चा के बजाय भावनाओं को भड़काना है।

    फिल्म को लेकर विवाद क्यों?

    फिल्म ‘धुरंधर 2’ में भारत की खुफिया एजेंसियों और उनके ऑपरेशन्स को दिखाया गया है। विवाद तब शुरू हुआ जब फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर यह कहा जाने लगा कि यह वास्तविक घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। हालांकि, फिल्म की टीम और आदित्य धर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राष्ट्रवाद और वीरता की कहानी बताया है।

    सिनेमा बनाम राजनीति

    यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े बजट की फिल्म को लेकर इस तरह का घमासान मचा हो। पिछले कुछ समय में ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे। वारिस पठान और ध्रुव राठी के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां एक गुट इसे अभिव्यक्ति की आजादी बता रहा है, तो दूसरा इसे एजेंडा आधारित सिनेमा कह रहा है।

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