नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट 2026’ में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में तख्तियां लेकर राहुल + कांग्रेस = गद्दार लिखकर प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने इस घटना को ‘देशद्रोह’ और ‘राष्ट्रीय साख पर हमला’ करार दिया है।
सरकार और भाजपा का कड़ा प्रहार
केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट के पांचवें दिन प्रदर्शकों से बात करने के बाद कहा, “स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों ने युवा कांग्रेस के हंगामे को शर्मनाक बताया है। यह कांग्रेस की गिरती राजनीति का प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से यूथ-विरोधी हो चुकी है।”
भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी तीखे हमले किए:
- मनोज तिवारी: भाजपा सांसद ने इस प्रदर्शन को ‘किराए के गुंडों’ द्वारा किया गया कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि एआई समिट भारत का गौरव है और इसे बदनाम करना गद्दारी और देशद्रोह के समान है।
- वीरेंद्र सचदेवा: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते वे अब राष्ट्र का विरोध करने लगे हैं। समिट किसी पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का कार्यक्रम था।
- शहजाद पूनावाला: भाजपा नेता ने पुणे में विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस को ‘शेमलैस’ और ‘ब्रेनलैस’ बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि बिगाड़ने की कोशिश की है।
“बदतमीजी की पराकाष्ठा”: जयंत चौधरी
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने इसे ‘बदतमीजी की पराकाष्ठा’ बताते हुए कहा कि जब 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत के कौशल और सामर्थ्य को देख रहे हैं, तब विपक्ष ने नकारात्मकता फैलाकर यह संदेश दे दिया है कि वे आने वाले कई वर्षों तक सत्ता में आने के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रहा है।
पृष्ठभूमि और विवाद
यह पूरा विवाद शुक्रवार को तब शुरू हुआ जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘भारत मंडपम’ में शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का दावा है कि यह विरोध ‘इंडिया-यूएस ट्रेड डील’ के खिलाफ था, जिसमें उनके अनुसार भारत के डेटा हितों के साथ समझौता किया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स की मौजूदगी में हुए इस हंगामे ने अब एक बड़ा राष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया है।


